पटना: बीते दिनों बिहार में हिजाब मामले में चर्चा में आई आयुष चिकित्सक नुसरत परवीन ने बुधवार को अपनी नौकरी जॉइन कर ली है। घटना के बाद नुसरत कोलकाता चली गई थी और उसके नौकरी जॉइन नहीं करने की वजह से दो बार जॉइनिंग डेट बढाई गति थी जिसके बाद आज उसने दूसरी बार अंतिम तिथि में अपना योगदान दिया है। 

बुधवार को नुसरत राजधानी पटना में सिविल सर्जन ऑफिस पहुंची और अपनी नौकरी जॉइन की। बता दें कि बीते 15 दिसम्बर को आयुष चिकित्सकों को नियुक्ति पत्र वितरण के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने महिला चिकित्सक नुसरत परवीन के चेहरे से हिजाब हटा दिया था। इस मामले के बाद बिहार समेत पूरे देश में जम कर राजनीति हुई। देश के कई हिस्सों में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विरुद्ध विरोध प्रदर्शन तथा शिकायतें भी दर्ज की गई। इस बीच महिला चिकित्सक अपने मायके कोलकाता चली गई थी जिसके बाद यह खबरें आने लगी थी कि वह काफी डर गई है और अब नौकरी जॉइन नहीं करेगी।

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हालांकि इसके बाद उसके कॉलेज के प्रिंसिपल ने मीडिया में बताया था कि नुसरत की बात उसके दोस्त से हुई है और वह सीएम नीतीश से नाराज नहीं है। वह जल्द ही अपनी नौकरी जॉइन करेगी। हालांकि नुसरत ने तय समय पर अपनी नौकरी जॉइन नहीं की थी जिसके बाद दो बार जॉइनिंग की तिथि बढाई गई थी। पहली बार 31 दिसम्बर तक जॉइनिंग तिथि तय की गई थी और दूसरी बार 7 जनवरी तक बढाई गई थी और अब अंतिम दिन वह सिविल सर्जन के ऑफिस में पहुंच कर अपना योगदान दे दिया है।

बता दें कि नवनियुक्त चिकित्सक को अपना योगदान सिविल सर्जन के कार्यालय में देना होता है जहां से सत्यापन के बाद उसे योगदान पत्र दिया जाता है। इसके साथ ही सिविल सर्जन यह पत्र जारी करते हैं कि आयुष चिकित्सक को किस कम्युनिटी हेल्थ सेंटर में ज्वाइन करना है। नुसरत के अपनी नौकरी जॉइन करने के बाद एक बड़े विवाद पर लगाम लग सकता है एवं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर उठ रहे सवालों पर भी अंकुश लग जायेगा।

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