मधेपुरा जिले में हीणा प्रवीण के साथ हुए गैंगरेप और निर्मम हत्या के मामले ने तूल पकड़ लिया है। यह दिल दहला देने वाली घटना जिले के भैरवपट्टी गांव की है, जहां छह बच्चों की मां और विधवा हीणा प्रवीण का शव पुलाल के ढेढ़ी में मिला था। इस घटना ने न सिर्फ स्थानीय लोगों को झकझोर दिया है, बल्कि प्रशासन और सरकार की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मृतिका हीणा प्रवीण के पति का कई वर्ष पहले ही निधन हो गया था। इसके बाद वह अकेले मजदूरी कर अपने छह छोटे बच्चों का पालन-पोषण कर रही थी। संघर्षों से भरा उसका जीवन उस दिन दरिंदगी का शिकार हो गया, जब कुछ असामाजिक तत्वों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म कर उसे मौत के घाट उतार दिया और शव को पुलाल के ठेंगी में फेंक दिया। यह घटना नारी सुरक्षा और कानून-व्यवस्था पर करारा तमाचा है।
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सोमवार, 12 जनवरी 2026 को पूर्णिया सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव मृतिका के घर पहुंचे और पीड़ित परिवार से मुलाकात कर शोक संवेदनाएं व्यक्त कीं। इस दौरान उन्होंने प्रशासन और बिहार सरकार पर जमकर निशाना साधा। सांसद पप्पू यादव ने कहा कि जब तक अपराधियों को सख्त सजा नहीं मिलती, तब तक ऐसे जघन्य अपराध रुकने वाले नहीं हैं।
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सांसद ने पीड़ित परिवार को तत्काल 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की, साथ ही छह अनाथ बच्चों के लिए हर महीने 10 हजार रुपये उनके खाते में देने का आश्वासन भी दिया। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ आर्थिक मदद नहीं, बल्कि समाज की जिम्मेदारी है कि इन बच्चों का भविष्य सुरक्षित किया जाए। हीणा प्रवीण हत्याकांड के बाद कई नेता और गैर-सरकारी संगठन भी आगे आए हैं और अनाथ बच्चों की मदद के लिए संपर्क कर रहे हैं। यह मामला अब सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि सिस्टम की संवेदनहीनता और महिला सुरक्षा की भयावह सच्चाई का प्रतीक बन चुका है।