जहानाबाद: एक बेहद दर्दनाक और सोचने पर मजबूर कर देने वाली घटना सामने आई है। आधुनिक तकनीक और लापरवाही के मेल ने एक होनहार छात्र की जान ले ली। यह हादसा पटना–गया रेलखंड पर कनौदी गांव के पास हुआ, जहां वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन की चपेट में आने से इंटर के एक छात्र की मौके पर ही मौत हो गई।
मृतक की पहचान कड़ौना थाना क्षेत्र के गुड़ियारी गांव निवासी स्वर्गीय शत्रुघ्न यादव के पुत्र मंटू कुमार के रूप में हुई है। मंटू इंटरमीडिएट का छात्र था और पढ़ाई के साथ-साथ परिवार की उम्मीदों का सहारा भी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मंटू रेलवे ट्रैक पार कर रहा था। उसके कान में इयरफ़ोन लगा हुआ था, जिस कारण वह ट्रेन की आवाज नहीं सुन सका। इसी दौरान तेज रफ्तार से आ रही वंदे भारत एक्सप्रेस ने उसे अपनी चपेट में ले लिया। छात्र को संभलने तक का मौका नहीं मिला और हादसा इतना भीषण था कि उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
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घटना के बाद वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन कुछ दूरी पर जाकर रुकी। सूचना मिलते ही रेल पुलिस और जीआरपी की टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू की। हादसे की खबर मिलते ही परिजन भी घटनास्थल पर पहुंचे। बेटे का शव देखते ही परिवार में कोहराम मच गया और पूरे इलाके में मातम पसर गया।
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मौके पर मौजूद राहगीर प्रमोद यादव और स्थानीय निवासी सुजीत यादव ने बताया कि छात्र के कान में एयरफोन लगा था, इसी वजह से वह ट्रेन को आते हुए नहीं देख पाया। जीआरपी थानाध्यक्ष दीप नारायण यादव ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया गया है और पूरे मामले की जांच की जा रही है। इस घटना के बाद रेल प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि रेलवे ट्रैक पार करते समय विशेष सावधानी बरतें और इयरफ़ोन या मोबाइल का उपयोग न करें। यह हादसा एक कड़वी सीख है कि थोड़ी सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।