आइसा ने आरपीएम महाविद्यालय में परीक्षा से वंचित छात्राओं का पुन: परीक्षा व यूजी के सभी सेमेस्टर में नामांकन निःशुल्क हो, साथ ही लिए गए शुल्क वापस किया जाए सहित कई मांगों को लेकर प्राचार्य को ज्ञापन सौंपा। विदित हो कि ऐसे अनेक मौके आए जब प्राचार्य मेधावी छात्राओं की समस्याओं प्रति लगातार असंवेदनशील बनी रही।
छात्राओं की समस्याओं को लेकर आइसा केंद्रीय अध्यक्ष नेहा ने कहा कि सार्वजनिक संस्थानों का निजीकरण कर डबल इंजन की सरकार समाज के शोषित वंचित समाज से पहले से ही छीनने में लगी है। इधर प्राचार्य महोदया सरकार के इस साजिश में अपने को शामिल कर मेधावी छात्राओं का कई रूपों में शोषण करती नज़र आ रही हैं। एक तरफ बिहार सरकार बेटियों को निःशुल्क शिक्षा प्रदान करने की बात करती है दूसरी तरफ पढ़ रही बेटियों को फीस वृद्धि, काॅलेज मेंटेनेंस चार्ज के नाम पर अवैध उगाही का प्रचलन बना दिया गया है। यहां तक कि कैम्पस में प्रोफेसर की कमी बता कर काॅलेज प्रशासन द्वारा निजी प्रो. को बुला कर शिक्षण संस्थान को संचालित करने की बात की जा रही है। आरपीएम कॉलेज के इस असंवेदनशीलता की जितनी निंदा की जाए उतनी कम है।
प्रतिनिधिमंडल सदस्य में राज्य अध्यक्ष प्रीति कुमारी व सचिव सबीर कुमार, भाकपा-माले पटना सिटी के नेता राम नारायण सिंह, ऐपवा से राखी देवी, आरवाईए के नेता मुजफ्फर आलम, आशना कुमारी, इशिका कुमारी मौजूद रहे. गौरतलब सत्र 2023-27 के तीसरे सेमेस्टर प्रैक्टिकल में अवैध शुल्क रू.300 लिया गया है. पैसे के अभाव में कई छात्राओं को परीक्षा से वंचित रखा गया है. प्रशासन के द्वारा कैम्पस में अराजकता का महौल पैदा किया जा रहा है. जबरन आंदोलन में भाग नही लेने और मनमानी तरीके से छात्राओं से शपथ पत्र दिलाया गया है. वंचित छात्राओं ने लगातार पुन: परीक्षा लेने की मांग कर रही है लेकिन छात्राओं को गलत तर्क पेश कर गुमराह कर रहे है जो कि छात्रविरोधी गतिविधियों को दर्शाता है. काॅलेज प्रशासन का तानाशाह व भष्टाचार रवैए के खिलाफ छात्राओं से विभिन्न तरिके से अवैध वसूली पर व पूरी परिघटना की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच करने की मांग पर आइसा आने वाले दिनों में छात्राओं की तमाम समस्याओं को दूर करने के लिए पाटलिपुत्र विश्वविद्यायल के कुलपति महोदय के समक्ष आइसा का ज्ञापन सौपा जाएगा। आज के कार्यक्रम में आइसा नेता सहित तनीषा, सोनी, मुस्कान, सिमरन, जुली सैकड़ो छात्राएं मौजूद रही।