पटना: बिहार में इस वर्ष मकर संक्रांति के अवसर पर एक बार फिर राजनीतिक खिचड़ी पकने की संभावना प्रबल होती दिख रही है। एक बार फिर मकर संक्रांति के अवसर पर बिहार में सियासी खेला होने की बात कही जा रही है जिसके बाद बिहार में अब सियासत तेज हो गई है। कहा जा रहा है कि खरमास के बाद बिहार में विपक्षी दलों के कई विधायक NDA में जा सकते हैं। हालांकि इस मामले में विपक्ष्ने भाजपा पर जनहित के मुद्दे को छोड़ कर सियासी उलझनों का आरोप लगाया है। बिहार सरकार में लोजपा(रा) कोटे से मंत्री बने संजय सिंह ने इस बात को एक बार फिर से हवा दे दी है।
कांग्रेस के सभी विधायक NDA के संपर्क में
मंत्री संजय सिंह ने कहा कि कांग्रेस के सभी 6 विधायक NDA के संपर्क में हैं और खरमास खत्म होने का इंतजार कर रहे हैं जिसके बाद बिहार में बड़ा खेल होगा और कांग्रेस बिहार में विधायकविहीन पार्टी हो जाएगी। अब इस मामले में सियासत तेज हो गई है। संजय सिंह ने कहा कि कांग्रेस के सभी विधायक यह समझ चुके हैं कि बिहार की जनता नीतीश कुमार पर ही भरोसा करती है इसलिए वे सभी NDA का हिस्सा बनना चाहते हैं।
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स्वाभाविक तौर पर होगा खेला
अब इस मामले को जदयू ने भी बल दे दिया है। मीडिया से बात करते हुए जदयू MLC एवं मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि कांग्रेस और राजद के विधायक यह समझ रहे हैं कि बिहार की जनता की निष्ठा नीतीश कुमार के प्रति है। इसलिए स्वाभाविक तौर पर खरमास के बाद खेला होगा।
भाजपा असल मुद्दों से रहती है दूर
वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस ने इन दावों से इंकार किया है और भाजपा पर बड़ा आरोप लगाया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शकील अहमद खान ने कहा कि भाजपा इस तरह के अनैतिक कामों के लिए काफी समय से मशहूर है। भाजपा के नेताओं को पलायन, गरीबी, रोजगार, बेहतर गवर्नेंस जैसी चीजें नहीं दिखती हैं। वे लोग सिर्फ इन बातों पर ही ध्यान देते हैं। हालांकि NDA के नेताओं का दावा सच नहीं है और कांग्रेस के सभी विधायक एकजुट हो कर पार्टी के साथ हैं।
बता दें कि बिहार में नई सरकार के गठन के बाद से ही अक्सर कहा जा रहा है कि राजद और कांग्रेस के विधायक NDA के संपर्क में हैं। NDA नेताओं का कहना था कि विपक्षी विधायकों में बेचैनी है और वे NDA का हिस्सा बनना चाहते हैं। खरमास के बाद राजद में बड़ी टूट होगी साथ ही अब कांग्रेस में भी टूट की खबरें आने लगी है। हालांकि इस मामले में कितनी सच्चाई है यह तो खरमास के बाद ही साफ हो पायेगा लेकिन अभी एक सियासी चर्चा का विषय जरुर बन गया है।
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