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आंगनबाड़ी सेविकाओं ने किया सरकार के खिलाफ प्रदर्शन

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बिहार राज्य आंगनबाड़ी वर्कर्स यूनियन (ऐक्टू) के आह्वान पर रविवार को राजधानी पटना के बुद्ध स्मृति पार्क के समक्ष सैंकड़ो आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका ने पोषण ट्रैकर तथा एफआरएस जैसे डिजिटल वर्क में आगनबाड़ी कर्मियों के विरुद्ध सरकार व आईसीडीएस के गलत व मनमाना आदेश तथा मानदेय मे कटौती और सीडीपीओ एवं महिला पर्यवेक्षिका द्वारा प्रताड़ना के खिलाफ सेविकाओं को हर तीन वर्ष पर उच्च गुणवत्ता वाला एंड्रॉयड मोबाइल व प्रतिमाह इंटरनेट पैकेज देने, एफआरएस हेतु लाभुकों को मोबाइल फोन की गारंटी करने , सीडीपीओ व महिला पर्यवेक्षिका द्वारा प्रताड़ित करने वाला अमर्यादित आचरण व अशालीन भाषा पर अविलम्ब रोक लगाने, आंगनबाड़ी केंद्र पर बर्तन-आलमीरा- कुर्सी-टेबुल,पेयजल आदि बुनियादी सुविधा उपलब्ध कराने की मांग को लेकर सरकार और आईसीडीएस के खिलाफ प्रतिवाद करते हुए सभा किया।ऐक्टू सचिव सह आंगनबाड़ी वर्कर्स यूनियन संगठन सचिव रणविजय कुमार की अध्यक्षता में हुई सभा को आशा-स्कीम वर्कर्स नेत्री व माले एमएलसी शशि यादव, यूनियन प्रदेश अध्यक्ष कुमारी रंजना यादव ,कोषाध्यक्ष पूनम यादव, पटना जिला यूनियन अध्यक्ष रेखा कुमारी ,ऐक्टू नेता जितेंद्र कुमार ने मुख्य तौर से संबोधित किया।विधान परिषद की सदस्य शशि यादव सहित रंजना यादव , पूनम यादव ,रेखा कुमारी ने प्रतिवाद सभा को संबोधित करते हुए केंद्र की मोदी व राज्य की डबल इंजन में भाजपा नेतृत्व वाली नीतीश सरकार पर जमकर हमला किया और कर्मियों को जीवन जीने लायक भी मजदूरी नही देने का आरोप लगाते हुए आंगनबाड़ी सेविका और  सहायिका को जीवन जीने लायक 25 हजार मानदेय देने की मांग किया साथ ही आईसीडीएस और सरकार पर आंगनबाड़ी सेविकाओं को  मोबाइल व रीचार्ज पैक दीए बगैर पोषण ट्रैकर एवं एफआरएस जैसा डिजिटल वर्क लेने का मनमाना व गलत आदेश जारी करने का आरोप लगाया तथा इस नाम पर जबरन कर्मियों के अल्प मानदेय राशि में किए जा रहे कटौती पर रोक लगाने और कटौती की गई राशि का भुगतान करने की मांग किया। नेताओं ने पोषण ट्रेकर पर काम नही होने पर आंगनबाड़ी सेविकाओं का मानदेय व बच्चों का पोषणहार में कटौती करने का आरोप लगया नेताओं ने मानदेय व बच्चों के पोषणाहर में कटौती पर अविलम्ब रोक लगाने की मांग किया है।ऐक्टू नेता रणविजय कुमार, जितेंद्र कुमार ने प्रतिवाद सभा को संबोधित करते हुए आईसीडीएस द्वारा पोषण ट्रैकर व (चेहरा पहचान प्रणाली) एफआरएस का जारी गलत व मनमाना आदेश को अविलम्ब वापस लेने, मानदेय कटौती पर रोक लगाने खासकर सीडीपीओ और महिला पर्यवेक्षिका पर चुनावी वर्ष में सत्ताधारी दल के लिए चुनावी चन्दा उगाही करने का गम्भीर आरोप लगाया और इसी के लिए आंगनबाड़ी कर्मियों को प्रताड़ित करने के लिए  अमर्यादित व्यवहार व अशाली भाषा बोलने का भी आरोप लगया, ऐक्टू व यूनियन नेता इस कार्रवाई पर अविलम्ब रोक लगाने की मांग किया वरना राज्यस्तरीय आंदोलन की चेतावनी दिया है।

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