पटना: मंगलवार को बिहार कैबिनेट में हुई बैठक में कुल 41 एजेंडों को मंजूरी दी गई है। इन निर्णयों का लक्ष्य राज्य में ऊर्जा, शिक्षा, जल संसाधन, परिवहन और उद्योग जैसी बुनियादी सेवाओं को मजबूत करना और विकास परियोजनाओं को तेजी से लागू करना है।
ऊर्जा विभाग के तहत बिहार स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड के गयाजी प्रोजेक्ट के लिए 220 केवी डीसी लाइन का निर्माण करने के लिए 33.29 करोड़ रुपये की नई योजना को हरी झंडी मिली। इसके साथ ही, पटना शहर के 13 प्रमंडलों में भूमिगत केबलिंग और स्काडा-डीएमएस सिस्टम के लिए 653 करोड़ रुपये की नई योजना भी मंजूर हुई। इससे शहर में बिजली आपूर्ति और प्रबंधन बेहतर होगा।
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कृषि विभाग ने पौधा संरक्षण संवर्ग के 694 पदों के पुनर्गठन और सृजन को मंजूरी दी, जिससे कृषि क्षेत्र में विशेषज्ञता और पौधों की सुरक्षा में सुधार होगा। जल संसाधन विभाग ने बाणसागर समझौते के अंतर्गत बिहार और झारखंड को आवंटित जल की स्वीकृति दी। वन और पर्यावरण सलाहकार के अस्थायी पद सृजन से परियोजनाओं में पर्यावरणीय नियमों का पालन सुनिश्चित होगा।
शिक्षा विभाग ने पीएमश्री योजना के तहत 789 सरकारी माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्कूलों के लिए 14.85 अरब रुपये की स्वीकृति दी, जिससे शिक्षा और सुविधाओं में सुधार आएगा। भवन निर्माण विभाग ने विधानमंडल और केंद्रीय पूल के आवासों में अतिरिक्त आवंटन की अनुमति दी। परिवहन विभाग ने वाहनों की अनुज्ञप्ति के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता आठवीं कक्षा करने का निर्णय लिया। सिविल विमानन विभाग ने दरभंगा हवाई अड्डा के पास लॉजिस्टिक पार्क और कार्गो हब के लिए भूमि अधिग्रहण हेतु 138.82 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी।
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गृह विभाग ने 53 काराओं में 9,073 CCTV कैमरों की स्थापना और एकीकृत निगरानी प्रणाली की स्वीकृति दी। उद्योग विभाग ने विभिन्न उद्योगों को वित्तीय प्रोत्साहन देने की मंजूरी दी। युवा, रोजगार और कौशल विकास विभाग में 147 नए पदों के सृजन से रोजगार और प्रशिक्षण कार्यक्रमों को गति मिलेगी। इस बैठक में स्वास्थ्य, श्रम संसाधन, विज्ञान और तकनीकी शिक्षा, नगर विकास और सहकारिता जैसे अन्य विभागों के प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई। राज्य सरकार ने कहा कि ये निर्णय विकासोन्मुखी हैं और नागरिकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद करेंगे।