Patna :- विश्व दुर्लभ बीमारी दिवस के अवसर पर पटना के आईजीआईएमएस में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें कई तरह के गंभीर बीमारियों की चर्चा करते हुए उनके प्रति जागरूक रहने की बात कही गई.
इस संबंध में आईजीआईएमएस के चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर मनीष मंडल ने कहा कि विश्व दुर्लभ बीमारी दिवस हर साल फरवरी के आखिरी दिन मनाया जाता है इस दिवस का उद्देश्य दुर्लभ बीमारियों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है और उन रोगियों को समर्थन देना है जो इन गंभीर बीमारियों से पीड़ित होते हैं साथ ही यह दिन शोध नीतिगत सुधार और बेहतर उपचार सुविधाओं को बढ़ावा देने के लिए भी मनाया जाता है. डॉक्टर मनीष मंडल ने आगे बताया कि दुर्लभ बीमारियां वह होती है जो बहुत कम लोगों को प्रभावित करती है. इनमें थैलेसीमिया हेमोफिलिया डचेन मस्कुलर डिस्ट्रॉफी,स्पाइनल मस्कुलर,एंट्रापी गोचर डिजीज,फेब्री डिजीज जैसी कई अन्य बीमारियां शामिल है इन सभी बीमारियों के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने के लिए वॉकथॉन,सेमिनार सोशल मीडिया कंपेन आदि का आयोजन किया जाना चाहिए.
इस अवसर पर संस्थान के डीन डॉक्टर ओम कुमार ने बताया कि हमारे देश में दुर्लभ बीमारी से करोड़ों लोग ग्रसित हैं और इसके लिए सही बचाव एवं जागरूकता बहुत जरूरी है. कार्यक्रम के आयोजन सचिव डॉक्टर आनंद गुप्ता ने बताया कि हर साल 28 फरवरी अथवा 29 फरवरी को इस दिवस का आयोजन दुर्लभ बीमारियों के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए किया जाता है.