पटना: बिहार के उद्योग विभाग द्वारा बेंगलुरु में 'इंडस्ट्री स्टेकहोल्डर्स मीट 2026 – बेंगलुरु' रोड शो का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, निवेशकों और विभिन्न क्षेत्रों के हितधारकों ने भाग लिया। इसका उद्देश्य बिहार में उपलब्ध निवेश अवसरों से उद्योग जगत को अवगत कराना तथा राज्य के साथ औद्योगिक साझेदारी को और मजबूत बनाना था। इस अवसर पर उद्योग विभाग के सचिव सह बियाडा एवं आईडा के प्रबंध निदेशक कुंदन कुमार ने बिहार में उपलब्ध निवेश अवसरों पर विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने राज्य में लागू नीतिगत सुधारों, विकसित हो रही अवसंरचना और निरंतर विस्तार कर रहे औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र पर प्रकाश डाला।
कुंदन कुमार ने कहा कि बिहार आज औद्योगिक विकास के एक नए चरण में प्रवेश कर रहा है। राज्य सरकार प्रगतिशील नीतियों, बेहतर अवसंरचना और उद्योग अनुकूल वातावरण के माध्यम से निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए लगातार कार्य कर रही है। बिहार इंडस्ट्रियल इन्वेस्टमेंट प्रमोशन पैकेज 2025, बिहार सेमीकंडक्टर नीति 2026, बिहार जीसीसी नीति तथा बिहार आईटी नीति जैसी पहलें राज्य में विनिर्माण, प्रौद्योगिकी सेवाओं, इलेक्ट्रॉनिक्स और लॉजिस्टिक्स सहित विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक अवसर प्रदान कर रही हैं। मैं उद्योग जगत के प्रतिनिधियों और निवेशकों से आग्रह करता हूँ कि वे बिहार में निवेश कर राज्य के औद्योगिक विकास की इस नई यात्रा का हिस्सा बनें। इसके बाद सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव अभय कुमार सिंह ने बिहार जीसीसी नीति 2026 और बिहार आईटी नीति 2024 की प्रमुख विशेषताओं पर प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि इन नीतियों के माध्यम से राज्य में प्रौद्योगिकी सेवाओं, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर और डिजिटल नवाचार को बढ़ावा देने की रणनीति पर काम किया जा रहा है।
कुमुद शर्मा, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, सुपरसेवा, ने उद्योगों और प्रौद्योगिकी सेवाओं के लिए अनुकूल वातावरण बनाने की दिशा में बिहार सरकार की सक्रिय और सकारात्मक पहल की सराहना की। अपने अनुभव साझा करते हुए उन्होंने बताया कि सुपरसेवा को हाल ही में अमेरिका की एक प्रमुख बहुराष्ट्रीय कंपनी से एक महत्वपूर्ण ऑर्डर प्राप्त हुआ है, और इस परियोजना से जुड़े कार्यबल का लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा बिहार से संचालित हो रहा है। उन्होंने कहा कि यह राज्य में उपलब्ध कुशल मानव संसाधन और प्रौद्योगिकी आधारित सेवा क्षेत्र के लिए बिहार की बढ़ती संभावनाओं को दर्शाता है। कार्यक्रम का समापन आईडीए के निदेशक विजय कुमार उपाध्याय द्वारा दिए गए धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

कार्यक्रम से पहले उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार के नेतृत्व में बिहार सरकार के एक प्रतिनिधिमंडल ने बेंगलुरु स्थित इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी इंडस्ट्रियल टाउनशिप अथॉरिटी (ELCITA) का दौरा किया। इस दौरान स्मार्ट औद्योगिक टाउनशिप के विकास और सतत अवसंरचना प्रबंधन से जुड़े सर्वोत्तम मॉडलों का अध्ययन किया गया। इस प्रतिनिधिमंडल में उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार, सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव अभय कुमार सिंह तथा उद्योग विभाग के निदेशक मुकुल कुमार गुप्ता शामिल थे। बैठक के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने ELCITA के चेयरमैन वी वीरप्पन और संस्था के अन्य सदस्यों के साथ विचार-विमर्श किया। इसके अतिरिक्त वेलांकनी ग्रुप के प्रबंध निदेशक किरण शाह, वेलांकनी ग्रुप के सलाहकार शशि शेखर तथा इन्फोसिस से दिनेश के साथ भी संवाद हुआ, जिसमें सहयोग, ज्ञान साझेदारी और औद्योगिक विकास की संभावनाओं पर चर्चा की गई।
प्रतिनिधिमंडल ने स्मार्ट सिटी प्रबंधन प्रणाली, सुरक्षा अवसंरचना, सस्टेनेबिलिटी पहलों और स्कूल उत्थान कार्यक्रमों से संबंधित प्रस्तुतियों और डेमो का भी अवलोकन किया। इसके बाद टीम ने सस्टेनेबिलिटी पार्क-1 का दौरा किया, जहाँ ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली तथा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) के संचालन को देखा। बैठक के दौरान बिहार में इसी प्रकार के आधुनिक औद्योगिक टाउनशिप विकसित करने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। इस अवसर पर कुंदन कुमार ने कहा कि बिहार औद्योगिकीकरण के एक नए चरण में प्रवेश कर रहा है और राज्य सरकार भविष्य की औद्योगिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए आधुनिक, सुव्यवस्थित और एकीकृत औद्योगिक टाउनशिप विकसित करने की दिशा में कार्य कर रही है। बैठक में यह भी विचार किया गया कि भविष्य में ईएलसीआईटीए के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर विचार किया जा सकता है, जिससे इसे बिहार में औद्योगिक टाउनशिप विकास के लिए ज्ञान साझेदार (Knowledge Partner) के रूप में जोड़ा जा सके।
इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने जिगानी इंडस्ट्रियल एरिया स्थित वेलांकनी की विनिर्माण इकाई का दौरा किया। इसके पश्चात वीरासंद्रा इंडस्ट्रियल एरिया में वेलांकनी की इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण इकाई का भी अवलोकन किया गया। प्रतिनिधिमंडल ने इन्फोसिस के कैंपस का भी दौरा किया। इस दौरे से प्रौद्योगिकी आधारित औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र, सतत अवसंरचना और आधुनिक औद्योगिक टाउनशिप नियोजन के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्राप्त हुईं, जो बिहार में नई पीढ़ी के औद्योगिक क्षेत्रों के विकास के लिए उपयोगी संदर्भ मॉडल सिद्ध हो सकती हैं। बेंगलुरु रोड शो और उद्योग प्रतिनिधियों के साथ हुई इन चर्चाओं ने उद्योग जगत के साथ संवाद को मजबूत करने, निवेश को प्रोत्साहित करने और बिहार को भारत में औद्योगिक विकास के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने की राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को पुनः रेखांकित किया।