बिहार में बड़े बदलाव की तैयारी
पटना: 07 जनवरी 2026, जल संसाधन विभाग सात निश्चय–3 योजना के तहत अब हर खेत तक पानी पहुंचाने के लिए बड़ा कदम उठा रहा है। मनरेगा के माध्यम से छोटे नहरों और जलवाहों का जीर्णोद्धार और सुदृढ़ीकरण विभाग स्वयं करेगा।
बैठक और निर्णय:
ग्रामीण विकास विभाग में इस संबंध में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसकी संयुक्त अध्यक्षता जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल और ग्रामीण विकास विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार ने की। बैठक में मनरेगा आयुक्त अभिलाषा कुमारी शर्मा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि अब 20 घनसेक या उससे कम जलश्राव वाली लघु नहर, उप-नहर, जलवाहा और जलरूद्ध क्षेत्रों/चौर से जल निकासी और तटबंध का सुदृढ़ीकरण कार्य जल संसाधन विभाग स्वयं अपने तकनीकी पर्यवेक्षण में करेगा। इससे काम की गुणवत्ता और तकनीकी अनुश्रवण बेहतर होगा।
कार्य का दायरा और उद्देश्य:
प्रधान सचिव जल संसाधन विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिए कि कार्य में शामिल होंगे:
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20 घनसेक या उससे कम जलश्राव वाली नहरें
* लघु नहर और उप-नहर
* जलवाहा और जलरूद्ध क्षेत्र/चौर से जल निकासी
* तटबंध का सुदृढ़ीकरण
साथ ही, पंचायतवार योजनाओं का चयन कर 20 जनवरी 2026 तक अनुमानित लागत सहित सूची जिला पदाधिकारी-सह-जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, मनरेगा को भेजी जाएगी। ताकि यह कार्य 31 जनवरी 2026 तक मनरेगा के वार्षिक कार्यक्रम में शामिल किया जा सके।
अनुश्रवण और प्रगति रिपोर्ट:
सभी मुख्य अभियंताओं (सिंचाई और बाढ़ प्रक्षेत्र) को निर्देश दिए गए हैं कि वे संबंधित कार्यपालक अभियंताओं के कार्यों का अनुश्रवण सुनिश्चित करें। सभी प्रगति विवरण साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट के माध्यम से नियमित रूप से विभाग को उपलब्ध कराए जाएंगे।
प्रमुख लाभ:
* राज्य में जल प्रबंधन और सिंचाई संरचनाओं का मजबूतीकरण
* नहर प्रणालियों के अंतिम छोर तक पानी की पहुंच
* मनरेगा के तहत रोजगार सृजन
यह पहल न केवल जल संरचनाओं के सुधार में मदद करेगी, बल्कि ग्रामीण किसानों तक सिंचाई सुविधा पहुंचाकर कृषि उत्पादन बढ़ाने में भी सहायक होगी।
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