जहानाबाद के सांसद सुरेंद्र यादव के बॉडीगार्ड द्वारा मारपीट की घटना को अंजाम देने की बात सामने आई है। खबर है कि, रामपुर थाना के सब इंस्पेक्टर ने दूसरे थाना क्षेत्र में बिना नंबर प्लेट के गाड़ी से पहुंचकर जमीन पर हो रहे निर्माण कार्य को रोकने की धमकी दी है... क्या कुछ पूरा मामला है आपको विस्तार से बताते हैं...दरअसल, गया शहर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र के अलीगंज रोड नंबर 1 की रहने वाली महिला नसरीन खातून ने गया के आईजी, एसएसपी और सिटी एसपी को लिखित आवेदन देकर रामपुर थाना के सब इंस्पेक्टर उमेश उरांव पर जमीन पर कब्जा दिलाने का आरोप लगाया गया हैं। उनका कहना है कि न्यू करीगंज इलाके में उनकी जमीन पर निर्माण कार्य हो रहा है जो सिविल लाइन थाना क्षेत्र में आता है लेकिन रामपुर थाना में पोस्टेड सब इंस्पेक्टर उमेश उरांव और जहानाबाद के सांसद सुरेंद्र यादव के बॉडीगार्ड द्वारा बिना नंबर के वाहन से पहुंच कर जमीन पर हो रहे निर्माण कार्य को रोकने की धमकी दी गई और वहां पहुंचे पुलिसकर्मियों ने जमीन मालिक के साथ मारपीट की और गोली मारने की धमकी दी।
इधर, मामले में पीड़ित इदरीस खान ने सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में उन्होंने कहा है कि उनकी बेटी की जमीन पर निर्माण कार्य चल रहा था। बिना नंबर प्लेट की पुलिस गाड़ी पहुंची। उसमें से सब-इंस्पेक्टर उमेश उरांव और एक अन्य व्यक्ति उतरे। नाम पूछते ही मारपीट करने लगे। गर्दन दबाने की कोशिश की। कहा, "मैं सुरेंद्र यादव का अंगरक्षक हूं। काम बंद करो, नहीं तो गोलियां चलेंगी...। इदरीस खान का आरोप है कि पुलिसकर्मी मारपीट करते रहे। वहां मौजूद अन्य पुलिसवालों ने रोकने के बजाय उनका साथ दिया। जब स्थानीय लोग जुटने लगे और वीडियो बनाने लगे, तब मारपीट बंद हुई। लोगों ने जब पुलिसकर्मियों से पूछा कि वे किसके आदेश पर आए हैं, तो उन्होंने बताया कि रामपुर थानाध्यक्ष ने भेजा है। इदरीस खान ने आरोप लगाया कि रामपुर थाना के पुलिसकर्मी अपनी सीमा से बाहर आकर सिविल लाइन थाना क्षेत्र में निर्माण कार्य रुकवाने पहुंचे। उन्होंने सांसद सुरेंद्र यादव के प्रभाव में आकर यह कार्रवाई की।
बता दें कि, पीड़ित ने पुलिस से मामले की जांच कर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। शिकायत के साथ जमीन के कागजात और घटना का वीडियो भी सौंपा गया है। पीड़ित का आरोप है कि पुलिस की गाड़ी में पुलिस के साथ जहानाबाद सांसद डॉ. सुरेंद्र प्रसाद यादव के निजी चालक भी थे। उन्हीं के शह पर रामपुर थाना की पुलिस अपने थाना क्षेत्र को छोड़कर सिविल लाइन थाना क्षेत्र में घुसकर निर्माण कार्य रोकने पहुंची थी।
गया से मनीष कुमार की रिपोर्ट