पटना: बिहार में एक बार फिर से नीतीश कुमार की सरकार बनने के बाद सीएम लगातार नई नई घोषणाएं कर रहे हैं। एक बार फिर उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर बड़ी घोषणा की है। सीएम नीतीश आमजनों की समस्याओं के निराकरण को लेकर एक बार फिर बड़ा कदम उठाया है और पंचायत से लेकर राज्य स्तर तक के अधिकारियों को निर्देश जारी किया है। सीएम की घोषणा के अनुसार अब पंचायत से लेकर राज्य स्तर तक के पदाधिकारी दो दिन अपने कार्यालयों में आमलोगों की समस्या सुनेंगे और उसका ससमय समाधान सुनिश्चित करेंगे। सीएम के निर्देश के अनुसार इन समस्याओं और उसके निवारण से संबंधित रिकॉर्ड भी अपडेट करना आवश्यक होगा।
इस मामले में सीएम नीतीश ने सोशल मीडिया पोस्ट कर जानकारी दी। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा है कि 'आप सबको मालूम है कि 20 नवंबर 2025 को राज्य में नई सरकार के गठन के कुछ ही दिनों बाद हमलोगों ने राज्य को देश के सर्वाधिक विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल करने हेतु सात निश्चय-3 के कार्यक्रमों को लागू किया है। सात निश्चय-3 के सातवें निश्चय ‘सबका सम्मान-जीवन आसान’ (Ease of Living) का मुख्य मकसद राज्य के सभी नागरिकों के दैनिक जीवन में आने वाली कठिनाइयों को कम कर उनके जीवन को और भी आसान बनाना है। इसे लेकर हमलोग लगातार महत्वपूर्ण निर्णय ले रहे हैं।
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सीएम ने लिखा कि कई बार ऐसा देखा गया है कि आम लोग जब अपनी समस्याओं को लेकर सरकारी कार्यालय पहुंचते हैं तो अधिकारी उपस्थित नहीं रहते हैं, जिसके कारण उन्हें असुविधा होती है। इसे देखते हुए अब राज्य के आमजनों को सरकारी कार्यालयों से संबंधित कार्यों में किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े, इसे लेकर निम्न महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं- जिसके तहत प्रत्येक सप्ताह के दो कार्यदिवस (सोमवार एवं शुक्रवार) को ग्राम पंचायत, थाना, अंचल, प्रखंड, अनुमंडल, जिला, प्रमंडल एवं राज्य के सभी सरकारी कार्यालयों में आमलोग अपनी शिकायतों के निष्पादन के लिए संबंधित पदाधिकारी से उनके निर्धारित कार्यस्थल/कार्यालय कक्ष में मिलेंगे।
सीएम ने अपनी घोषणा में निर्देश दिया है कि निर्धारित दोनों दिवसों पर सभी संबंधित पदाधिकारी अपने-अपने कार्यालय में उपस्थित होकर लोगों से सम्मानपूर्वक मिलेंगे और उनकी शिकायतों को संवेदनशीलता के साथ सुनकर उसका त्वरित निराकरण करेंगे। सभी सरकारी कार्यालयों में आगंतुकों को सम्मानपूर्वक बैठाने एवं मिलने के साथ-साथ उनके लिए जरूरी सुविधाओं जैसे पेयजल, शौचालय आदि की व्यवस्था की जाएगी। आगंतुकों से प्राप्त शिकायतों की पंजी का संधारण किया जाएगा एवं शिकायतों के सतत् अनुश्रवण की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी।
यह व्यवस्था 19 जनवरी 2026 से प्रभावी करने का निर्देश सभी संबंधित अधिकारियों को दिया गया है। इसके लागू होने से आमजनों को काफी सुविधा होगी और उनकी समस्याओं का समाधान तेजी से हो सकेगा। मुझे पूरा विश्वास है कि यह पहल राज्य के आम नागरिकों के लिए काफी उपयोगी साबित होगी और उनका दैनिक जीवन आसान होगा। इस व्यवस्था के संबंध में यदि आप कोई अन्य विशिष्ट सुझाव देना चाहते हैं तो अपने बहुमूल्य सुझाव 10 जनवरी 2026 तक निम्न में से किसी एक माध्यम से दे सकते हैं।
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