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CM नीतीश खरमास बाद फिर से निकलेंगे बिहार की यात्रा पर, RJD ने दी नसीहत तो सहयोगी दल BJP ने तो...

CM नीतीश कुमार खरमास के बाद एक बार फिर से यात्रा पर निकलेंगे. यह उनकी 16वीं यात्रा होगी. नीतीश कुमार के यात्रा की रुपरेखा तैयार की जा रही है साथ ही कार्यक्रम भी बनाये जा रहे हैं. हालांकि अभी यात्रा की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है लेकिन राजनीतिक...

CM Nitish will visit bihar again
CM नीतीश खरमास बाद फिर से निकलेंगे बिहार की यात्रा पर, RJD ने दी नसीहत तो सहयोगी दल BJP ने तो...- फोटो : Darsh News

पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक बार फिर बिहार की यात्रा पर निकलेंगे। सीएम की यात्रा को लेकर अब विभागीय तैयारी शुरू कर दी गई है जबकि सीएमओ कार्यक्रम की रुपरेखा तैयार करने में जुट गई है। सूत्रों से जानकारी मिल रही है कि सीएम नीतीश इसी महीने यानि जनवरी में बिहार की यात्रा पर निकलेंगे जिसे लेकर मुख्यमंत्री सचिवालय के अधिकारी उनका कार्यक्रम बनाने में जुट गए हैं। जल्द ही सीएम की यात्रा की घोषणा की जाएगी। सीएम नीतीश की यात्रा को लेकर अब बिहार में राजनीति भी शुरू हो गई है। विपक्षी दल राजद ने नीतीश कुमार को अपने भ्रमण के दौरान भ्रष्टाचार वाली योजनाओं का निरीक्षण करने की नसीहत दी है।

अगर सीएम नीतीश कुमार एक बार फिर यात्रा पर निकलते हैं तो यह उनकी 16वीं यात्रा होगी जिसके तहत वे राज्य के विभिन्न जिलों में जा कर लोगों से मुलाकात करते हुए योजनाओं की समीक्षा करेंगे। इसके साथ ही सीएम नीतीश बिहार विधानसभा चुनाव में मिली भारी जीत के लिए भी जनता का आभार प्रकट करेंगे। बता दें कि विधानसभा चुनाव से ठीक पहले सीएम नीतीश ने प्रगति यात्रा के तहत राज्य के विभिन्न हिस्सों में भ्रमण किया था और इस दौरान उन्होंने कई योजनाओं की घोषणा की थी जिसमें अब तक करीब 50 हजार करोड़ रूपये की लागत वाली करीब 430 योजनाओं को कैबिनेट से स्वीकृति भी मिल गई है।

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यात्रा के दौरान भ्रष्टाचार का विकास जरुर देखें CM

सीएम नीतीश की यात्रा को लेकर मुख्य विपक्षी दल राजद के प्रवक्ता एजाज अहमद ने कहा कि सीएम नीतीश कुमार जी खरमास के बाद बिहार विकास यात्रा की बात कर रहे हैं। अगर उन्हें विकास देखना है तो वे सबसे पहले रोहतासगढ़ जाएँ जहां करीब साढ़े 13 करोड़ रूपये की लागत से बनाया गया रोपवे ट्रायल के दौरान ही धरासायी हो गया। वहां भ्रष्टाचार और लूट का जो खुला खेल चल रहा है वह भी देखें। वे बिहार में विकास के आयाम को भी देखें, कि कैसे विकास हो रहा है। बिहार में भ्रष्टाचार, लूट, अपराध-अपराधियों, माफियाओं का विकास हो रहा है, और मुख्यमंत्री का यह विकास यात्रा नहीं बल्कि भाजपा और NDA को दबाव में लाने की यात्रा है। भाजपा जिस तरह से नीतीश जी पर दबाव बना रही है उससे निकलने के लिए नीतीश कुमार यात्रा के नाम पर भाजपा को डराने की नीति बना रहे हैं। NDA के अंदर जो खींचतान की स्थिति है उससे निकलने के साधन के रूप में मुख्यमंत्री यह यात्रा करने जा रहे हैं, जो स्पष्ट दिख रहा है।

कोई काम तो है नहीं तो निकल लेते हैं घूमने

इसके साथ ही कांग्रेस ने भी सीएम नीतीश की यात्रा पर तंज कसा है। कांग्रेस के प्रवक्ता असित नाथ तिवारी ने कहा कि नीतीश जी का आधा से अधिक काम न तो डीके बॉस कर देते हैं, बचा खुचा काम भाजपा के लोग कर देते हैं। उनके पास कोई काम तो है नहीं, बिल्कुल फुर्सत में है तो फिर जब मन करता है तो निकल जाते हैं यात्रा करने के लिए, इसमें नया क्या है। नीतीश जी भाजपा के साथ हैं तो भाजपा के लोगों को पूछना चाहिए कि इतनी यात्रा करते हैं तो फिर कभी किसी मंदिर के दर्शन के लिए क्यों नहीं जाते हैं। अगर फुर्सत में हैं तो उन्हें कभी केदारनाथ, बद्रीनाथ या अन्य कहीं तीर्थ स्थान भी चले जाना चाहिए।

फाइल के फीडबैक नहीं जमीनी हकीकत पर करते हैं विश्वास

वहीं दूसरी तरफ जदयू के प्रवक्ता किशोर कुणाल ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की कार्यनीति रही है कि वे फाइल के फीडबैक और अधिकारियों के इनपुट से अधिक जमीनी सच्चाई को समझना और परखना जरुरी समझते हैं। इतिहास गवाह है कि दर्जनों यात्रा के माध्यम से उन्होंने विकास की इबारत लिखा है। सीएम एक बार फिर से यात्रा पर निकल रहे हैं, विकसित बिहार की परिकल्पना को साकार करने के लिए यह यात्रा मील का पत्थर साबित होगा और बिहार के लोग सौभाग्यशाली हैं कि राज्य के मुखिया खुद जमीन पर उतर कर किये गए कार्यों का मूल्यांकन करते हैं और उन्हें आगे बढ़ाते हैं।

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यात्रा से बिहार को मिलेगी नई उर्जा और दिशा

इसके साथ ही सहयोगी दल भाजपा के प्रवक्ता प्रभाकर मिश्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री बिहार के विकास पुरुष हैं। वे किसी राजनीति के लिए नहीं बल्कि विकास की  रफ्तार तेज करने के लिए यात्रा करते हैं। जहां भी सरकार की योजनाएं जमीन पर उतरी है उसकी समीक्षा होगी और जहां कमी है उसे दुरुस्त किया जायेगा। इसके साथ ही आम जनता की सुख दुःख को सुन कर समाधान निकालना नीतीश कुमार की पहचान है। यात्रा से बिहार के विकास को नई उर्जा और नई दिशा मिलेगी।

बता दें कि वर्ष 2005 में पहली बार मुख्यमंत्री बनने के बाद सीएम नीतीश ने अब तक 15 यात्राएं की हैं और अब 16वीं यात्रा पर निकलने की तैयारी की जा रही है। 

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अब तक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की प्रमुख यात्राएँ और प्रारंभ तिथि

  • न्याय यात्रा – 12 जुलाई 2005
  • विकास यात्रा – 9 जनवरी 2009
  • धन्यवाद यात्रा – 17 जून 2009
  • प्रवास यात्रा – 25 दिसंबर 2009
  • विश्वास यात्रा – 28 अप्रैल 2010
  • सेवा यात्रा – 9 नवंबर 2011
  • अधिकार यात्रा – 19 सितंबर 2012
  • संकल्प यात्रा – 5 मार्च 2014
  • संपर्क यात्रा – 13 नवंबर 2014
  • निश्चय यात्रा – 9 नवंबर 2016
  • विकास कार्यों की समीक्षा यात्रा – 12 दिसंबर 2017
  • जल-जीवन-हरियाली यात्रा – 3 दिसंबर 2019
  • समाज सुधार अभियान – 22 दिसंबर 2021
  • समाधान यात्रा – 4 जनवरी 2023
  • प्रगति यात्रा – 23 दिसंबर 2024


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