पटना: राजधानी पटना के चित्रगुप्त नगर थाना क्षेत्र में स्थित शंभू गर्ल्स हॉस्टल में नीट छात्रा की संदिग्ध मौत मामले में बिहार पुलिस की जम कर किरकिरी हुई। इसके बाद पुलिस ने मामले को CBI के हवाले कर दिया। इस बीच पुलिस पर कई सवाल उठे और हर बार पटना पुलिस की भूमिका संदिग्ध पाई गई। केस CBI को सौंपे जाने के बाद बुधवार को राजधानी पटना में SIT प्रमुख आईजी जितेंद्र राणा, SSP कार्तिकेय के शर्मा और पटना सिटी एसपी पूर्वी परिचय कुमार ने संयुक्त प्रेस वार्ता की। पुलिस अधिकारियों के प्रेस वार्ता पर भी सवाल कई सवाल उठे क्योंकि अधिकारियों ने करीब 15 मिनट में अपनी बात मीडिया के सामने रख दी लेकिन मीडिया के सवालों के जवाब में सिर्फ 'नो कमेंट्स' कह कर पल्ला झाड़ लिया।
अब इस मामले में बिहार पुलिस के DGP विनय कुमार ने बड़ा बयान दिया है। डीजीपी ने कहा कि इस मामले में शंभू गर्ल्स हॉस्टल पर भी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि नीट छात्रा मामले में हॉस्टल और संचालिका पर भी कार्रवाई की जाएगी क्योंकि छात्रा से संबंधित मामले में हॉस्टल से किसी ने पुलिस को सूचना नहीं दी थी। वे लोग चाहते तो पुलिस को डायल 112 पर भी सूचना दे सकते थे लेकिन उन्होंने नहीं दी। इस मामले में पुलिस को प्रभात हॉस्पिटल के द्वारा सूचना दी गई थी। अगर हॉस्टल की तरफ से पुलिस को समय पर सूचना दी जाती तो फिर जांच सही तरीके से की जा सकती थी। डीजीपी ने हॉस्टल का लाइसेंस रद्द करने की बात कहते हुए कहा कि पुलिस यह भी सुनिश्चित करेगी कि संचालिका राजधानी समेत बिहार में कहीं भी कोई भी हॉस्टल का संचालन न कर सके।
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बता दें कि बीते 6 जनवरी को शंभू गर्ल्स हॉस्टल में नीट की तैयारी कर रही एक छात्रा संदिग्ध हालत में बेहोश मिली जिसे प्रभात हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। करीब 4 दिनों तक उस अस्पताल में इलाज के बाद परिजनों के दबाव पर उसे मेदांता अस्पताल रेफर कर दिया गया जहां छात्रा की इलाज के दौरान मौत हो गई। इस दौरान परिजनों ने छात्रा के साथ हैवानियत का भी आरोप लगाया था जबकि पुलिस ने उससे इनकार कर दिया था। छात्रा के पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हैवानियत की पुष्टि होने के बाद पुलिस पर सवाल उठने लगे जिसके बाद मामले में आनन फानन में SIT गठित की गई। दो सप्ताह से अधिक समय तक SIT ने विभिन्न एंगल से मामले की छानबीन की बावजूद किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकी जिसके बाद अब यह मामला CBI को जांच के लिए दिया गया है। इस मामले को लेकर SIT में शामिल अधिकारियों ने बुधवार को प्रेस वार्ता के दौरान एक बार छात्रा के नींद का टैबलेट खाने की बात कही। हालांकि पुलिस ने अब हैवानियत के आरोप से इनकार नहीं किया और मामला CBI को दिए जाने की बात कही। इस दौरान मीडिया ने जब सवाल करने की कोशिश की तो पुलिस अधिकारियों ने बस नो कमेंट्स कहा।
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पटना से चंदन तिवारी की रिपोर्ट