बिहार समेत पूरे देश में रंगों का पर्व होली उल्लास और परंपरा के साथ मनाया जा रहा है। इस बार का त्योहार विशेष ज्योतिषीय संयोग में आया है। चैत्र कृष्ण प्रतिपदा पर पूर्वा फाल्गुनी और उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र का संयोग बन रहा है, जिसे ज्योतिष के अनुसार मंगलकारी और सकारात्मक ऊर्जा देने वाला माना गया है। इस शुभ योग के कारण श्रद्धालुओं में उत्साह और बढ़ गया है।
राजधानी पटना सहित राज्यभर में प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों में अतिरिक्त बल की तैनाती की है ताकि त्योहार शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो सके। डीजे और अश्लील गीतों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि हुड़दंग, सांप्रदायिक तनाव फैलाने की कोशिश, सोशल मीडिया पर अफवाह, बाइकर्स गैंग की रेसिंग या सड़क पर स्टंट करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। नियम तोड़ने वालों को जेल भी जाना पड़ सकता है।
राजनीतिक हलकों में भी होली की रौनक देखने को मिली। कई नेताओं ने अपने आवास पर होली मिलन समारोह आयोजित कर कार्यकर्ताओं और समर्थकों के साथ रंग-गुलाल खेला।
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार होली के दिन सबसे पहले कुलदेवता और इष्ट देव की पूजा कर उन्हें अबीर-गुलाल अर्पित करना चाहिए। इसके बाद बड़ों का आशीर्वाद लेकर प्रेम और सौहार्द के साथ होली मनाना शास्त्रसम्मत माना गया है।
सुरक्षा और आपात स्थिति के लिए जिला नियंत्रण कक्ष, आपातकालीन संचालन केंद्र, डायल 112, बिजली कंपनी और अग्निशमन विभाग के हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं। पुलिस मुख्यालय से 24 घंटे मॉनिटरिंग की व्यवस्था की गई है ताकि किसी भी स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।