Join Us On WhatsApp

पटना AIIMS में 50 लाख का गबन, आरोपी कर्मी ने शेयर मार्किट में लगाये थे रूपये फिर...

राजधानी पटना में स्थित एम्स में बड़ी राशि के गबन का मामला सामने आया है. आतंरिक ऑडिट के दौरान 50 लाख रूपये के गबन का मामला सामने आया जिसके बाद संस्थान ने बड़ी कार्रवाई की. हालांकि गबन किये गए रूपये रिकवर कर लिए गए हैं लेकिन...

Embezzlement of Rs 50 lakh at Patna AIIMS.
पटना AIIMS में 50 लाख का गबन, आरोपी कर्मी ने शेयर मार्किट में लगाये थे रूपये फिर...- फोटो : Darsh News

पटना: राजधानी पटना में स्थित एम्स अस्पताल में बड़ा गबन का मामला सामने आया है। मामला सामने आते ही एम्स प्रबंधन ने एक एकाउंट्स विभाग के एक कर्मी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है और मामले की छानबीन शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि आंतरिक ऑडिट के दौरान वित्तीय अभिलेखों में गंभीर अनियमितताएं बरती गई हैं। जिसके बाद अब अस्पताल प्रबंधन ने बड़ी कार्रवाई की है और चीफ कैशियर को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है।

एम्स की तरफ से जारी प्रेस बयान में बताया गया है कि अकाउंट ऑफिसर पियूष आनंद के द्वारा कराये गए आतंरिक ऑडिट में कैश बुक, भुगतान रजिस्टर, रसीद और बैंक खातों के मिलान में भारी अंतर सामने आया है। प्रारंभिक जांच में पाया गया है कि कई नकद खाता से बिना आवश्यक दस्तावेज और सक्षम स्वीकृति से लेनदेन किया गया है। ऑडिट टीम के विस्तृत जांच में करीब 50 लाख रूपये का स्पष्ट हिसाब नहीं मिला है जिससे गबन की आशंका जताई गई है।

यह भी पढ़ें      -      कोलकाता में ED की बड़ी कार्रवाई, I-PAC पर छापेमारी को ममता बनर्जी ने बताया 'चुनावी दस्तावेजों की चोरी'

मामले की जानकारी मिलते ही एम्स प्रबंधन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए वित्तीय अनियमितता के आरोप में चीफ कैशियर अनुराग अमन को निलंबित कर दिया है और विभागीय जांच शुरू कर दी है। जांच अवधि के दौरान संबंधित अधिकारी को किसी प्रकार की वित्तीय जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया गया है। एम्स प्रशासन ने बताया है कि उक्त राशि वापस कर दी गई है। लेकिन निष्पक्ष और नियम के अनुरूप जांच की जाएगी और दोषी अधिकारी पर आरोप सही पाए जाने पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर मामला पुलिस या अन्य किसी जांच एजेंसी को भी सौंपा जा सकता है।

एम्स प्रशासन ने आश्वस्त किया है कि इन जांच गतिविधियों की वजह से मरीजों की चिकित्सा सेवा और संस्थान के दैनिक कार्यों पर प्रतिकूल असर नहीं पड़ेगा। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए वित्तीय प्रक्रियाओं को और सख्त किया जायेगा तथा आतंरिक ऑडिट प्रणाली को मजबूत किया जायेगा। फ़िलहाल मामले की जांच की जा रही है। एम्स सूत्रों के अनुसार चीफ कैशियर अनुराग अमन ने गबन की बात स्वीकार कर ली है और बताया कि उक्त राशि को शेयर मार्किट में इन्वेस्ट किया था जो अब उसने वापस कर दी है।

यह भी पढ़ें      -      भाजपा को 'बापू' से है नफरत इसलिए..., कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा '10 जनवरी से करेंगे चरणबद्ध आंदोलन'


Scan and join

darsh news whats app qr
Join Us On WhatsApp