आरजेडी के पूर्व एमएलसी सुनील कुमार सिंह को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. पिछले दिनों सदन में अशोभनीय बर्ताव के लिए पूर्व एमएलसी को बिहार विधान परिषद से निष्कासित कर दिया गया था. जिसके बाद अब बड़ी खबर आ गई है कि, उनकी सदस्यता बहाल कर दी गई है. सुप्रीम कोर्ट ने आज बड़ा फैसला लेते हुए कहा कि, सुनील कुमार सिंह का आचरण गलत था, लेकिन सजा उसकी तुलना में अधिक है. कोर्ट ने कहा कि, '2026 में कार्यकाल खत्म होने वाला है. सुनील कुमार सिंह सात महीने से सदन से बाहर हैं. इसे ही सजा मान लिया जाए.'
हालांकि, इस दौरान कोर्ट की ओर से यह भी कहा गया है कि, "दोबारा दुर्व्यवहार करें तो एथिक्स कमेटी और चेयरमैन फैसला लें. कोर्ट से आए इस फैसले के बाद उधर सुनील कुमार सिंह ने खुशी जताई है. उन्होंने फेसबुक पर पोस्ट कर लिखा है, "सत्यमेव जयते! आखिरकार न्याय की जीत हुई !" इधर, सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद सुनील कुमार सिंह ने अपनी खुशी जाहिर की. दरअसल, उन्होंने सोशल मीडिया के जरिये एक पोस्ट शेयर किया. जिसमें उन्होंने लिखा कि, 'सत्यमेव जयते ! आखिरकार न्याय की जीत हुई !'
पूरे मामले की बात करें तो, सुनील कुमार सिंह आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के करीबी माने जाते हैं. राबड़ी देवी के मुंह बोले भाई हैं. सुनील कुमार सिंह पर 13 फरवरी को सदन में तीखी बहस के दौरान नीतीश कुमार को अपशब्द बोलने का आरोप लगा था. उन पर मुख्यमंत्री की नकल करके उनका अपमान करने और समिति के समक्ष पेश होने पर उसके सदस्यों की योग्यता पर सवाल खड़े करने का भी आरोप लगाया गया था. जिसके बाद उन्हें बिहार विधान परिषद से निष्कासित कर दिया गया था. इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था. तो वहीं, अब सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला आ गया है.