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ग्रामीण महिलाओं के लिए बकरी एटीएम की तरह है -मंत्री रेणु देवी

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Patna :- बकरी ग्रामीण परिवेश की महिलाओं के लिए एटीएम की तरह है, और बकरी पालन को बढ़ावा देने के लिए  बिहार सरकार कई तरह की सहायता दे रही है -ये बातें बिहार सरकार की पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग की मंत्री मंत्री रेणु देवी ने पटना में कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए कहा.

दरअसल पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग के अंतर्गत पशुपालन निदेशालय के द्वारा  पटना के होटल लेमन ट्री में “बकरी पालन, प्रबंधन एवं मूल्यवर्धन” विषय पर राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया | कार्यशाला का उद्घाटन विभागीय मंत्री  रेणु देवी ने किया.मंत्री ने अपने संबोधन में बताया कि बकरीपालन को अधिक बढ़ावा देने हेतु आज बकरीपालन, प्रबंधन एवं मूल्यवर्धन विषय पर इस कार्यशाला का आयोजन किया गया है | जिसमें पशु चिकित्सकों के अलावा, प्रगतिशील बकरी पालक के साथ ही साथ इस क्षेत्र में कार्य कर रहे विभिन्न स्वयं सेवी संगठनों के पदाधिकारी और प्रतिनिधिगण भाग ले रहे हैं |

 मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि बकरी पालन एक ऐसा व्यवसाय है जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है | विभाग द्वारा बकरी पालन को बढ़ावा देने के लिए समेकित बकरी एवं भेड़ विकास योजना के तहत विभिन्न क्षमता के बकरी फ़ार्म की स्थापना पर 50-60% तक अनुदान देकर स्वरोजगार हेतु राज्य के लोगों को बकरीपालन व्यवस्था से जोड़ा जा रहा है | राज्य में बकरीपालन को बढ़ावा देने हेतु अभी हाल में ही बकरियों में कृत्रिम गर्भाधान को बढ़ावा देने के लिए गोट सीमेन बैंक की स्थापना की योजना की स्वीकृति प्रदान की गई है |

पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग की अपर मुख्य सचिव डॉ. एन. विजयलक्ष्मी ने अपने संबोधन में कृषि रोड मैप 4 के बारे में बताते हुए कहा दुग्ध उत्पादन में तथा बकरी पालन में बिहार हमेशा विकास की और अग्रसर हो रहा है | बिहार का पशुपालन क्षेत्र की योजनाओं का बिहार के आर्थिक विकास में अत्यंत ही महत्वपूर्ण है | संस्थागत क्षमताओं को बढ़ाने की आवश्यकता है | गोट सीमेन सेंटर स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है | बकरीपालन में प्रशिक्षण, मार्केटिंग तथा प्रबंधन पर तुरंत कार्रवाई करना है | उन्होंने बताया बकरियों के लिए कृत्रिम गर्भाधान को बढ़ावा दिया जा रहा है | पशु हाट को बनाने का भी प्रयास किया जा रहा है जिससे मार्केटिंग को सुदृढ़ किया जा सकेगा | अंत में आंकड़ों को एकत्रित कर पशुधन मार्केट को स्थापित करने की आवश्यकता पर भी उन्होंने प्रकाश डाला गया |

जीविका के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी हिमांशु शर्मा जीविका ने अपने संबोधन में बताया कि जीविका लगातार पशुपालन विशेषकर डेयरी एवं बकरीपालन के क्षेत्र में कार्य कर रहा है इसमें पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग का सहयोग भी प्राप्त हो रहा है | उन्होंने जीविका के द्वारा पशुपालन के क्षेत्र में सहयोगी संस्थाओं के बारे में भी बताया | उनके द्वारा पशु सखियों की भूमिका, गोट फेडरेशन तथा एफ.पी.ओ. से जुड़कर आगे बढ़ने की संभवाना पर भी प्रकाश डाला गया | जीविका के दीदियों द्वारा बकरी पालन योजना की जाकारी भी उन्होंने विस्तार से बताया | उन्होंने अपने क्षेत्रीय पदाधिकारियों को भी आग्रह किया कि  बकरीपालन के क्षेत्र में बैंक के साथ अधिक से अधिक लोन उपलब्ध कराने का प्रयास करें |  

 

तकनीकी सत्र में डिजिटल ग्रीन के आकाश अस्थाना ne कार्यशाला में उपस्थीय बकरी पालक किसानों को बताया कि डिजिटल ग्रीन बिहार के चयनित जिलों में कृषि के क्षेत्र में सामुदाय आधारित काम कर रहा है | इसका उद्देश्य है कि एडवायजरी को कैसे डिजिटल करें | डिजिटल ग्रीन ग्रीन के द्वारा एक एप भी तैयार किया गया है जिससे किसानों को उनके मोबाईल पर मानक एडवायजरी तथा ए. आई. आधारित समाधान भी उपलब्ध हो सके |अगले सत्र में ICAR-RCER के 

प्रधान वैज्ञानिक डॉ. शंकर दयाल ने बकरीपालन में अनुवांशिक सुधार पर विस्तार से बताया | उन्हौने बताया कि ICAR-RCER द्वारा बिहार के पांच जिलों में कार्य किया जा रहा है | इन जिलों में बकरी के गुणवत्तापूर्ण नस्ल, जेनेटिक इम्प्रूवमेंट आदि का कार्य किया जा रहा है | उन्होंने कार्यशाला में उपस्थित बकरी पालक किसानों को संबोधित करते हुए बताया कि सूक्ष्म वित्तीय प्रक्रिया को अपनाकर तथा निजी बैंक से जुड़कर बकरीपालन व्यवसाय को रोजगार के रूप में किया जा सकता है | 

बिहार पशुविज्ञान विश्वविद्यालय के डॉ. पंकज कुमार ने कार्यशाला में उपस्थित बकरी पालक किसानों को चारा एवं पोषण के महत्त्व के बारे में विस्तार से बताया | डॉ. संजीव कुमार प्रबंध निदेशक, द गोट ट्रस्ट ने इनपुट वैल्यू चेन, बकरीपालन तथा बकरी व्यवसाय के बारे में बताया | उन्होंने बकरी के मांस के प्रकार उसमें पायी जाने वाली फाइबर की मात्रा, बकरी के दूध तथा दूध के अन्य उत्पाद आदि के बारे में बताया गया |Gates Foundation की वरीय कार्यक्रम पदाधिकारी निधि जैन ने मजबूत बकरी पारिस्थिकी तंत्र के लिए पशुधन बाजार को मजबूत करने के लिए प्रोद्योगिकी बाजार बुद्धिमत्ता और नवाचार के लाभ के बारे में उपस्थित बकरी पालकों को बताया |  

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