पटना: खरमास खत्म होने के बाद एक बार फिर बिहार की सियासत में गर्माहट शुरू हो गई है। एक तरफ चर्चा जोरों पर है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार राजनीति में एंट्री करेंगे तो दूसरी तरफ अब कभी नीतीश कुमार के खास रहे आरसीपी सिंह की घर वापसी के भी संकेत मिलने लगे हैं। इस संबंध में आरसीपी सिंह ने खुद भी मीडिया से बात करते हुए संकेत दिए थे वहीं जदयू विधायक श्याम रजक ने भी बड़ा बयान दिया था। हालांकि अब तक इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है लेकिन राजधानी की सड़कों पर पोस्टरबाजी जरुर शुरू हो गई है।
राजधानी पटना में स्थित जदयू कार्यालय के बाहर लगे एक पोस्टर ने सियासी गलियारे में हलचल तेज कर दी है। दरअसल इस पोस्टर में पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह और सीएम नीतीश के बेटे निशांत कुमार के जदयू में स्वागत किया जा रहा है। पोस्टर जदयू के युवा नेता आलोक गौतम और प्रिंस पटेल की तरफ से लगाई गई है जिसमें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ निशांत कुमार और आरसीपी सिंह की फोटो लगी है। साथ ही नीचे लिखा है कि 'जदयू परिवार में वरिष्ठ नेता माननीय आरसीपी सिंह जी और बड़े भाई इंजीनियर निशांत कुमार जी का हार्दिक स्वागत है।' पोस्टर सामने आने के बाद अब जदयू में आरसीपी सिंह के वापसी के कयास को बल मिलता हुआ नजर आ रहा है।
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RCP सिंह और श्याम रजक के बयान से कयास तेज
बता दें कि बीते दिनों पटेल समाज के द्वारा आयोजित दही चूड़ा के भोज के दौरान मीडिया से बात करते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह ने खुद को नीतीश कुमार का सबसे बड़ा करीबी बताते हुए कहा था कि वे लोग एक दूसरे को 25 वर्षों से जानते हैं। इस दौरान उन्होंने पार्टी में वापसी को लेकर हंसते हुए कहा था कि अगर ऐसा कुछ भी होगा तो पता चल ही जायेगा। आरसीपी सिंह के इस बयान के बाद चर्चा तेज हो गई थी कि वे जल्द ही पार्टी में वापसी करेंगे लेकिन अब इस पोस्टर ने इस हवा को और अधिक बल दे दिया है। वहीं इसके साथ ही बीते दिनों पूर्व मंत्री रत्नेश सदा के आवास पर आयोजित दही चूड़ा भोज में जदयू के विधायक श्याम रजक ने भी आरसीपी सिंह की पार्टी में वापसी के सवाल के जवाब में कहा था कि वे अलग थे ही कब। अगर वे जदयू में आना चाहते हैं तो उनका स्वागत है।
बता दें कि पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह ने IAS की नौकरी छोड़ने के बाद सीएम नीतीश के साथ राजनीति की शुरुआत की और वे लंबे समय तक उनके साथ रहे। इस दौरान वे जदयू में कई अहम पदों पर भी रहे और केंद्र सरकार में मंत्री भी। जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से हटने के बाद दोनों के रिश्ते में कुछ खटास आई और फिर RCP सिंह भाजपा के साथ चले गए। भाजपा में भी खास तवज्जो नहीं मिलने के बाद उन्होंने अपनी नई पार्टी आसा पार्टी का गठन किया और फिर विधानसभा चुनाव से ठीक पहले वे अपनी पार्टी का विलय प्रशांत किशोर की जन सुराज में कर दी। अब राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज है कि आरसीपी सिंह जल्दी ही जदयू में वापसी करेंगे और इसके लिए तैयारी भी तेज कर दी गई है।
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