भागलपुर: देश में पुलिस और सरकार साइबर अपराध पर लगाम लगाने के लिए एक से एक हथकंडे अपना रही है तो दूसरी तरफ शातिर ठग एक कदम आगे निकल जाते हैं। ऐसा ही कुछ मामला सामने आया है भागलपुर में जिसने पुलिस अधिकारियों को भी हैरत में डाल दिया। मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस छानबीन में जुट गई है लेकिन इस घटना के बाद लोगों में डर का माहौल पैदा हो गया है।
दरअसल भागलपुर के पीरपैंती प्रखंड के महेशपुर गांव निवासी अनिल सिंह की बेटी को एक व्यक्ति ने 18 वर्ष पहले लापता हुए भाई बन कर कॉल किया और उसने ठगी कर ली। रूपये की ठगी के बाद शातिर ने अपना मोबाइल बंद कर लिया। मामले की जानकारी के बाद पीड़ित और उसकी बेटी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है जिसके बाद पुलिस मामले की छानबीन में जुट गई है।
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मामले में पीड़ित अनिल सिंह ने बताया कि करीब 18 वर्ष पहले उनका बेटा गायब हो गया था। 7 जनवरी को अचानक किसी ने पश्चिम बंगाल के वीरभूम में रह रही मेरी बेटी को फोन किया और अपने आप को मेरा बेटा होने की बात कही। कॉल करने वाले ने कहा कि मैं विदेश में हूं, बड़ी मुश्किल से तुम्हारा नंबर मिला है, मम्मी-पापा से बात करवा दो। इसके बाद मेरी बेटी ने उससे कांफ्रेंस कॉल पर हमारी बात भी करवाई और उससे हमने घर आने के लिए कहा।
इसके बाद अगले दिन उसने फिर से कॉल किया और कहा कि मुंबई एयरपोर्ट पर एक्साइज की टीम ने उसे पकड़ लिया है और छोड़ने के एवज में एक लाख रूपये मांग रहे हैं। उसके द्वारा रूपये भेजे जाने के बात पर पिता और पुत्री ने तीन बार में उसे 70 हजार रूपये भेज दिए जिसके बाद से कॉल करने वाले ने अपना मोबाइल बंद कर दिया है। अनिल सिंह ने कहा कि मामला समझ में आने के बाद मेरी बेटी ने वीरभूम में साइबर ठगी का मामला दर्ज करवाया है जिसके बाद पुलिस अब जांच में जुट गई है।
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