पटना: राजधानी पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में बीते दिनों NEET की एक छात्रा की संदिग्ध मौत के बाद अब बेटियों की पढाई पर असर पड़ने लगा है। पटना में हॉस्टल में रह कर पढाई कर रही बच्चियों के माता पिता में अब इस कदर डर बैठ गया है कि वे बेटियों को पटना में रख कर पढ़ाना ही नहीं चाहते हैं। लड़कियों के माता पिता का कहना है कि जिस तरह का मामला सामने आया है उससे अब डर लगने लगा है। बेटी को पढना होगा तो घर से ऑनलाइन पढाई कर लेगी या नहीं पढेगी, कम से कम बच्ची सेफ तो रहेगी।
दरअसल रविवार को चित्रगुप्तनगर थाना क्षेत्र के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रह रही दर्जनों छात्राओं के माता पिता थाना पहुंचे और पुलिस से गुहार लगा रहे हैं कि उनके बच्चियों का सामान उन्हें दे दिया जाये ताकि वे लोग अपनी बच्ची को सुरक्षित अपने घर ले कर जा सकें। थाना में पहुंचे माता पिता ने कहा कि इस हॉस्टल में जिस तरह का मामला सामने आया है उससे अब बच्ची की सुरक्षा की चिंता सता रही है और यही वजह है कि हम अपनी बेटी को अब हॉस्टल में नहीं रखना चाहते हैं। लड़कियों के माता पिता ने कहा कि बेटी कम पढ़ेगी या घर से पढ़ेगी लेकिन सुरक्षित तो रहेगी न। अब हमें पटना के हॉस्टल पर भरोसा ही नहीं रहा कि उसे हम अकेले यहां रहने दें।
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बता दें कि बीते दिनों शंभू हॉस्टल में रह रही एक छात्रा की संदिग्ध मौत के बाद परिजनों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाया था साथ ही उन लोगों ने हॉस्टल प्रबंधन पर कई तरह के आरोप भी लगाये थे और पुलिस पर दोषियों को बचाने की साजिश का आरोप लगाया था। छात्रा का पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दुष्कर्म की पुष्टि हुई जिसके बाद पुलिस भी सवालों के घेरे में है। वहीं स्थानीय लोगों ने हॉस्टल के संचालक पर कई गंभीर आरोप लगाया और कहा कि यहां देह व्यापार का धंधा चलता था।
बता दें कि छात्रा का पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने संज्ञान लिया और डीजीपी ने पटना के आईजी जितेंद्र राणा के नेतृत्व में एक SIT गठित की है। SIT ने मामले में अपनी छानबीन शुरू भी कर दी है। शनिवार को आईजी उक्त हॉस्टल का निरीक्षण करने पहुंचे तो SIT की टीम उस हॉस्पिटल में भी छानबीन के लिए पहुंची जहां के डॉक्टर पर मामला रफा दफा करने का आरोप लगाया जा रहा है।
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पटना से चंदन तिवारी की रिपोर्ट