सुपौल: जिले से पति-पत्नी के रिश्ते को शर्मसार करने वाला एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है। यहां एक पति अपनी गंभीर रूप से घायल पत्नी को निजी अस्पताल में भर्ती कराने के बाद अचानक गायब हो गया। हैरानी की बात यह है कि आठ दिन बीत जाने के बाद भी न तो पति लौटा और न ही कोई परिजन महिला का हालचाल लेने पहुंचा।
मामला प्रतापगंज थाना क्षेत्र के सुखानगर गांव का है। जानकारी के अनुसार, 24 जनवरी को लाखों सिंह अपनी 23 वर्षीय पत्नी वंदना कुमारी को गंभीर हालत में एक निजी अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में लेकर पहुंचा। अस्पताल के रजिस्ट्रेशन काउंटर पर उसने इलाज के लिए 8 हजार रुपये जमा किए, जिसके बाद महिला का इलाज शुरू किया गया। लेकिन इलाज शुरू होते ही पति अस्पताल से फरार हो गया।
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अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि पिछले आठ दिनों से महिला का इलाज लगातार चल रहा है। इलाज का खर्च बढ़ने के बावजूद मानवता के नाते अस्पताल अपने संसाधनों से उपचार जारी रखे हुए है। चिकित्सकों के अनुसार, महिला की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है। हालांकि इलाज से उसकी स्थिति में कुछ सुधार हुआ है, लेकिन उसे अभी लगातार और बेहतर चिकित्सा देखरेख की जरूरत है।
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अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि महिला के मायके पक्ष से संपर्क किया गया, लेकिन उन्होंने इलाज में सहयोग करने में असमर्थता जताई। वहीं, ससुराल पक्ष की ओर से अब तक कोई जवाब नहीं मिला है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल प्रबंधन ने सदर थाना अध्यक्ष को लिखित शिकायत दी है और प्रशासन से उचित कार्रवाई की मांग की है। यह घटना न केवल पारिवारिक जिम्मेदारी पर सवाल खड़े करती है, बल्कि समाज के सामने भी यह सोचने का विषय है कि संकट के समय रिश्तों की असली परीक्षा क्यों फेल हो जाती है।