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IRCTC घोटाला मामले में तेजस्वी की याचिका पर कोर्ट ने CBI से मांगा जवाब, मकर संक्रांति के दिन...

IRCTC घोटाला मामले में लालू परिवार समेत कुल 11 लोगों के विरुद्ध निचली अदालत ने मुकदमा चलाने का आदेश जारी किया है. अब इस मामले में तेजस्वी यादव ने अदालत के फैसले को गलत बताते हुए कार्यवाही रोकने की मांग वाली याचिका दायर की है जिसपर...

In the IRCTC scam case, the court has sought a response from
IRCTC घोटाला मामले में तेजस्वी की याचिका पर कोर्ट ने CBI से मांगा जवाब, मकर संक्रांति के दिन...- फोटो : Darsh News

नई दिल्ली: दिल्ली हाई कोर्ट ने IRCTC घोटाला मामले में अब CBI को नोटिस दे कर जवाब माँगा है। बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा की पीठ ने सुनवाई करते हुए CBI को नोटिस जारी किया है जबकि अगली सुनवाई की तारीख 14 जनवरी तय की है। कोर्ट में इसी दिन लालू यादव की याचिका पर भी सुनवाई होगी।

दरअसल मंगलवार को IRCTC घोटाला मामले में तेजस्वी यादव ने निचली अदालत के आदेश को चुनौती दी है जिसमें उनके खिलाफ आपराधिक साजिश और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आरोप तय किये गए हैं। याचिका में आरोप तय करने के आदेश को गलत बताते हुए तेजस्वी ने मुकदमे की आगे की कार्यवाही पर रोक लगाने की मांग की है। अब कोर्ट ने CBI से सभी बिन्दुओं पर जवाब माँगा है।

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बता दें कि इससे पहले 13 अक्टूबर 2025 को अदालत ने लालू यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव समेत 11 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय  करने का आदेश दिया था। अदालत ने माना था कि लोक सेवक स्वर पद का दुरूपयोग कर निजी लाभ पहुँचाने और आपराधिक कदाचार से जुड़ा मामला है। इसके तहत कोर्ट ने मुकदमा चलने का आदेश जारी किया था। मामले में बता दें कि लालू यादव के रेल मंत्री रहते हुए IRCTC होटल के टेंडर में निजी फायदे को लेकर कई तरह की अनियमितता बरती गई थी। इस मामले में लालू यादव के अलावा प्रदीप कुमार गोयल, राकेश सक्सेना, भूपेंद्र कुमार अग्रवाल, राकेश कुमार गोगिया और विनोद कुमार अस्थाना के खिलाफ तहत आरोप तय किये हैं। 

मामला भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम यानी आईआरसीटीसी के दो होटलों के संचालन से जुड़ा है। आरोप है कि रेलवे मंत्री रहते हुए लालू प्रसाद यादव के कार्यकाल में इन होटलों का संचालन एक निजी कंपनी को नियमों के विपरीत सौंपा गया, जिससे कुछ लोगों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया। सीबीआई का दावा है कि इसमें आपराधिक साजिश और भ्रष्टाचार के तत्व मौजूद हैं। अदालत ने बताया था कि यह मामला लोक सेवक द्वारा किये गये आपराधिक कदाचार से जुड़ा है.साथ ही लोक सेवक द्वारा पद का गलत इस्तेमाल कर किसी को फायदा पहुंचाने से संबंधित है।

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