Gaya :- गर्मी शुरू होते ही गया जिले के कई इलाकों में पेयजल संकट की समस्या शुरू हो गई है. इसको देखते हुए गया शहर के बीजेपी के विधायक और बिहार सरकार के सहकारिता मंत्री विभाग डॉ० प्रेम कुमार की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में विशेष बैठक आयोजित की गई. इसमें विभिन्न योजनाओं की समीक्षा के साथ ही पेयजल की समस्या को लेकर विशेष रूप से चर्चा हुई और इसको लेकर मंत्री ने कई निर्देश दिए.
समीक्षा बैठक में ज़िला पदाधिकारी गया डॉ० त्यागराजन
ने बताया कि गर्मी के मौसम को देखते हुए ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र में व्यापक तैयारी करवाई जा रही है ताकि पेयजल कि कहीं कोई समस्या नहीं रहे। सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी के माध्यम से शारीरिक चापाकल का सर्वेक्षण करवाया गया है जिसमें लगभग 10000 चापाकल की सूची प्राप्त हुई है जैसे मरम्मती के लिए पीएचडी विभाग को भेजी गई है और तेजी से मरम्मत भी करवाया जा रहा है। सात निश्चय अंतर्गत हर घर नल का जल योजनाओं का भी सर्वेक्षण का काम किया जा रहा है ताकि जिस किसी टोले में नल जल योजना बंद रहे तो उसे तुरंत चालू करवाया जा सके। इसके अलावा उन्होंने कहा कि टैंकर की मरम्मती भी कराई जा रही है। अतिरिक्त टैंकर की मांग विभाग को पत्र प्रेषित की गई है। लगभग 1000 की संख्या में चापाकल मरम्मत करवाया जा चुका है।
गया नगर निगम के समीक्षा के दौरान मंत्री प्रेम कुमार ने कहा कि शहरी क्षेत्र के चपकालों का सर्वेक्षण तेजी से करवा बंद चापाकल को युद्ध स्तर पर ठीक करवा लें,जो बंद पड़े हैं उसे भी चालू करवाये।
मंत्री ने कहा कि जैसे-जैसे गर्मी का तापमान बढ़ रहा है वैसे-वैसे पहाड़ों या अन्य क्षेत्रों में आग लगी की घटनाएं सामने आ रही है। इस पर जिला वन पदाधिकारी ने बताया कि फरवरी माह से मई माह तक फायर वाचर के माध्यम से वन क्षेत्र में निगरानी रखी जाती है। फायरवॉटर टीम को पर्याप्त संख्या में लगाया गया है। सभी रेंज ऑफिसर फॉरेस्टर सहित वन विभाग के पदाधिकारी/ कर्मियों की छुट्टी को रद्द कर दी गई है और अपने क्षेत्र में पूरी मुस्तादी से निगरानी रखने का निर्देश दिया जा चुका है साथ ही आम जनों को आग लगी से बचाव इत्यादि संबंधित जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है ताकि पहाड़ों पर आग लगी की घटना को रोकी जा सके।
जिला पदाधिकारी ने बताया कि मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार इस वर्ष गर्मी ज्यादा बढ़ने की संभावना व्यक्त की गई है जिसे लेकर गर्म हवा/ लू से बचाव की तैयारी भी की जा रही है। हर प्रखंड के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में बेड आरक्षित रखी जा रही है। इसके अलावा सभी आशा एवं एएनएम को आइस पैक, ओआरएस, पारासिटामोल की दवा उपलब्ध कराई जा रही है। सभी एंबुलेंस में एयर कंडीशन की व्यवस्था सुनिश्चित कराई जा रही है। मगध मेडिकल अस्पताल में डेडीकेटेड 100 बेड की व्यवस्था रखी जा रही है। पंचायत स्तर पर एंबुलेंस को टैग रखने की व्यवस्था की जा रही है। नगर निगम एवं नगर निकाय में भी बड़े जगह का चयन करके शरण स्थल बनाया जा रहा है। इसके अलावा नगर निकाय एवं ग्रामीण क्षेत्र के सभी सार्वजनिक स्थलों/ बाजार क्षेत्र में पनशाला का भी व्यवस्था सुनिश्चित कराया जा रहा है।
गर्मी के मौसम को देखते हुए माननीय मंत्री ने बिजली विभाग के पदाधिकारी को निर्देश दिया है कि बिजली की डिमांड के अनुरूप बिजली सप्लाई सुचारू रखें। बेवजह बिजली की कटौती नहीं करे।