पटना: बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए को मिली प्रचंड जीत के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार काफी उत्साहित नजर आ रहे हैं। एक बार फिर वे एनडीए सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों की लगातार समीक्षा कर रहे हैं। इसी क्रम में खरमास समाप्त होने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बिहार यात्रा पर निकलने वाले हैं। उनकी इस प्रस्तावित यात्रा को लेकर बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। दिल्ली से पटना पहुंचे जनता दल यूनाइटेड के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा से जब मीडिया ने मुख्यमंत्री की यात्रा के संबंध में सवाल किया तो उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हर साल यात्रा पर निकलते रहे हैं। उनके पूरे कार्यकाल को देखिए, मुख्यमंत्री बनने से पहले भी उन्होंने न्याय यात्रा शुरू की थी।
भीषण ठंड में CM जा रहे जनता के बीच, नेता प्रतिपक्ष हैं गायब
संजय झा ने कहा कि जब आम लोग कड़ाके की ठंड में घरों में दुबके रहते हैं, उस समय भी वे भीषण ठंड में यात्रा पर निकलते हैं, जैसा कि वर्तमान स्थिति है। मुख्यमंत्री की यात्रा का सबसे बड़ा असर यह होता है कि फील्ड में चल रहे कार्यों में तेजी आती है और उन्हें विकास कार्यों की सीधी यानी फर्स्ट हैंड जानकारी मिलती है। इसी के आधार पर वे पब्लिक फीडबैक से जुड़े कई इनिशिएटिव भी लेते हैं। वहीं दूसरी ओर, जब मुख्यमंत्री यात्रा की तैयारी कर रहे हैं, उसी समय नेता प्रतिपक्ष पिछले डेढ़ महीने से बिहार से गायब हैं और अब वे उत्तराखंड में दोस्तों की शादी में देखने जा रहे हैं। यह बात बिहार की जनता अच्छी तरह जानती है और विधानसभा चुनाव में जनता ने इसका सीधा जवाब भी दे दिया है। जनता ने नेता प्रतिपक्ष की बिहार के प्रति कार्यशैली को भली-भांति देख लिया है।
अमेरिकी टैरिफ पर कहा...
कोलकाता में आई-पैक के ठिकानों पर ईडी की छापेमारी को लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर लगाए गए आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए संजय झा ने कहा कि वहां चुनाव है और ऐसे में SIR की प्रक्रिया चल रही है। इसी कारण जानबूझकर हो-हल्ला किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बिहार में भी SIR हुआ था और काफी हंगामा भी हुआ, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई बड़ा मुद्दा सामने नहीं आया। अमेरिकी टैरिफ को लेकर हो रही चर्चाओं पर जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की अर्थव्यवस्था जिस तरह मजबूत हुई है, वैसा पहले कभी नहीं हुआ। पिछले बजट में इनकम टैक्स में कटौती की गई, इसके बाद जीएसटी में भी कमी आई। इससे कंजम्प्शन बढ़ा और महंगाई दर में कमी आई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और टैरिफ के बावजूद अगर भारत की विकास दर इस स्तर पर बनी हुई है, तो यह सरकार के मजबूत फिस्कल मैनेजमेंट को दर्शाता है।
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मोदी सरकार लगातार रच रही इतिहास
उन्होंने कहा कि 1 फरवरी को केंद्रीय बजट पेश किया जाना है और इस बार यह दिन रविवार को पड़ रहा है। भारत के इतिहास में यह दूसरी बार होगा जब रविवार को केंद्रीय बजट पेश किया जाएगा। इस पर संजय झा ने कहा कि यह एक ऐतिहासिक क्षण होगा और छुट्टी वाले दिन को वर्किंग डे बनाना सिर्फ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही कर सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री ने ‘पूर्वोदय’ की जो बात कही है, उस पर उनका विशेष फोकस रहा है। पिछले बजट में पूर्वी राज्यों और विशेष रूप से बिहार पर जो ध्यान दिया गया था, उसे देखते हुए इस बार भी सरकार का पूरा ध्यान पूर्वोदय पर रहने की उम्मीद है।
दही चूड़ा हमारी परंपरा
वहीं जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं लालू प्रसाद यादव के बड़े पुत्र तेज प्रताप यादव द्वारा 14 जनवरी को आयोजित दही-चूड़ा समारोह में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को आमंत्रित किए जाने पर संजय झा ने कहा कि दही-चूड़ा में एक-दूसरे के यहां जाना बिहार की पुरानी सांस्कृतिक परंपरा है। इसमें किसी को किसी भी तरह की आपत्ति नहीं होनी चाहिए।
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