पटना उच्च न्यायालय के निर्देश पर राजधानी पटना में चलाए जा रहे अतिक्रमणकारियो के खिलाफ अभियान को लेकर भाकपा मलर में आक्रोश है। अतिक्रमण अभियान के दौरान कई अवैध दुकान व झुग्गी झोपड़ियां को हटाया जा रहा है इसके खिलाफ विधायक गोपाल रविदास के नेतृत्व में भाकपा–माले का एक शिष्टमंडल बुधवार को पटना नगर निगम आयुक्त से मुलाकात की।इसने बुद्ध मूर्ति मुसहरी (कदमकुआं), पटना में रह रहे गरीब मांझी परिवारों को प्रशासन द्वारा उजाड़े जाने के खिलाफ स्थाई वास-आवास का इंतजाम करने की मांग का ज्ञापन सौंपा।शिष्टमंडल में भाकपा–माले केंद्रीय कमेटी सदस्य व पटना महानगर सचिव अभ्युदय, ऐक्टू राज्य सचिव रणविजय कुमार, पटना महानगर कमेटी सदस्य संजय यादव, विभा गुप्ता, विनय कुमार व पुनीत पाठक शामिल थे।बतादे कि बुद्ध मूर्ति (कदमकुआं) चौराहा के पास विस्थापित मांझी परिवार के लोग पिछले तीन दशक से फुटपाथ पर अमानवीय स्थितियों में रह रहे थे जब नगर निगम ने उन्हें लोहे के स्थायी गेटों के बीच ताले में बंद कर पेयजल की लाइन काट दी और भाग जाने की धमकियां दीं।शिष्टमंडल की ओर से माले विधायक गोपाल रविदास ने कहा कि पटना में सौंदर्यीकरण और स्मार्ट सिटी के नाम पर दलित–गरीबों पर चल रहा बुलडोजर भाजपा–जद यू सरकार के गरीब विरोधी चरित्र को सामने लाता है।उन्होंने कहा कि इसके अविलंब स्थाई निदान न होने पर आंदोलन को तीखा किया जाएगा।नगर आयुक्त ने दो हफ्तों के भीतर प्रभावित गरीब परिवारों के पुनर्वास और इस बीच उन्हें उजाड़ने पर रोक का आश्वासन दिया।जिसके बादशिष्टमंडल में शामिल नेताओं ने बाद में बुद्धमूर्ति स्थित प्रभावित गरीब परिवारों के बीच जाकर आज नगर निगम आयुक्त से हुई वार्ता से अवगत कराया।