बिहार राज्य में कल से मैट्रिक वार्षिक परीक्षा की शुरुआत होने जा रही है। राज्यभर में परीक्षा को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और कदाचारमुक्त तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रशासन और शिक्षा विभाग ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। लाखों परीक्षार्थी इस महत्वपूर्ण परीक्षा में शामिल होंगे, जिसके लिए सभी जिलों में बड़ी संख्या में परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं।राज्य सरकार के निर्देश पर सभी जिलों में परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। प्रत्येक केंद्र पर दंडाधिकारी और पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है। संवेदनशील और अति संवेदनशील केंद्रों पर अतिरिक्त सुरक्षा बलों की व्यवस्था की गई है, ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था या कदाचार को रोका जा सके।
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कदाचार पर प्रभावी नियंत्रण के लिए परीक्षा अवधि के दौरान परीक्षा केंद्रों के बाहर 100 से 200 मीटर की परिधि में धारा 163 लागू रहेगी। इसके तहत अनावश्यक भीड़, जुलूस, धरना या किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधियों पर रोक रहेगी। प्रशासन का कहना है कि इस कदम से परीक्षार्थियों को शांत और सुरक्षित वातावरण मिलेगा तथा परीक्षा की निष्पक्षता बनी रहेगी। शिक्षा विभाग ने सभी केंद्राधीक्षकों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रश्नपत्रों के सुरक्षित वितरण, उत्तर पुस्तिकाओं के संग्रह और परीक्षा संचालन की प्रत्येक प्रक्रिया पर कड़ी निगरानी रखी जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता पाए जाने पर संबंधित कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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प्रशासन ने अभिभावकों और आम नागरिकों से अपील की है कि वे परीक्षा केंद्रों के आसपास भीड़ न लगाएं और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें। वहीं परीक्षार्थियों को समय से परीक्षा केंद्र पहुंचने, प्रवेश पत्र साथ रखने और सभी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। राज्य में की गई तैयारियों को देखते हुए उम्मीद जताई जा रही है कि मैट्रिक वार्षिक परीक्षा पूरी तरह शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न होगी।