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BPSC TRE 3.0 लीक केस में नया मोड़, पूछताछ में सामने आई अंदरूनी साजिश

जिस परीक्षा पर लाखों युवाओं का भविष्य टिका था, उसी में सेंध लगाने वाले गिरोह की कहानी अब सामने आ रही है। पटना से हुई गिरफ्तारी ने साजिश को उजागर कर दिया।

New twist in BPSC TRE 3.0 leak case, investigation reveals i
BPSC TRE 3.0 लीक केस में नया मोड़, पूछताछ में सामने आई अंदरूनी साजिश- फोटो : फाइल फोटो

पटना:  बिहार लोक सेवा आयोग की TRE 3.0 परीक्षा पेपर लीक मामले में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने बड़ी सफलता हासिल की है। बिहार पुलिस मुख्यालय के आर्थिक एवं साइबर अपराध प्रभाग द्वारा की जा रही जांच के तहत अब तक कुल 289 अभियुक्तों की गिरफ्तारी हो चुकी है। शेष फरार आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है।

इसी क्रम में 5 जनवरी 2026 को आर्थिक अपराध इकाई को सूचना मिली कि संजीव मुखिया गिरोह का वांछित अभियुक्त बिपुल कुमार उर्फ बिपुल शर्मा पटना में अपने ठिकाने पर छिपा हुआ है। सूचना के सत्यापन के बाद वरीय अधिकारियों के निर्देश पर SOG-सह-छापामारी टीम का गठन किया गया। टीम ने गोला रोड स्थित बिहार कॉलेज ऑफ फार्मेसी के लाल भवन परिसर में छापेमारी कर अभियुक्त को विधिवत गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार अभियुक्त बिपुल कुमार उर्फ बिपुल शर्मा, औरंगाबाद जिले का रहने वाला है और पूछताछ में उसने खुद को संजीव मुखिया गिरोह का सक्रिय सदस्य बताया है। पूछताछ में सामने आया है कि यह गिरोह प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल अभ्यर्थियों को परीक्षा पास कराने का झांसा देकर उनसे मोटी रकम वसूलता था और प्रश्न पत्र लीक कराने जैसे गंभीर अपराधों में संलिप्त रहा है।

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अभियुक्त ने यह भी स्वीकार किया कि वर्ष 2023 में हरियाणा में आयोजित S.T.E.T परीक्षा के प्रश्न पत्र लीक कराने में उसने संजीव मुखिया को सहयोग किया था। पूछताछ के दौरान उसने बताया कि गिरोह के अन्य सदस्यों के साथ वह फ्लाइट से दिल्ली गया था और वहां से सड़क मार्ग से सोनीपत स्थित एक रिसॉर्ट में अभ्यर्थियों को ठहराया गया था, जहां उन्हें लीक प्रश्न पत्रों के उत्तर रटवाए गए।

इसके अलावा, BPSC TRE 3.0 परीक्षा से ठीक पहले अभियुक्त द्वारा 15 अभ्यर्थियों को विंगर वाहन से झारखंड के हजारीबाग स्थित कोहिनूर होटल ले जाने की बात भी सामने आई है। होटल में पहले से ही लगभग 500 अभ्यर्थियों को लीक प्रश्न पत्र याद कराने की व्यवस्था की गई थी। जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि अभ्यर्थियों की तलाशी (फ्री-स्कैनिंग) के लिए हैंडहेल्ड डिवाइस भी साथ ले जाई गई थी।

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फिलहाल गिरफ्तार अभियुक्त को न्यायालय में प्रस्तुत किया जा रहा है। पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। आर्थिक अपराध इकाई ने स्पष्ट किया है कि भविष्य की प्रतियोगी परीक्षाओं में कदाचार और सेटिंग पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। ईओयू ने यह भी दोहराया कि वह राज्य में निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षाओं के आयोजन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

पटना से चंदन तिवारी की रिपोर्ट।


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