पटना: चित्रगुप्त नगर थाना क्षेत्र के शम्भू गर्ल्स हॉस्टल में NEET की तैयारी कर रही 17 वर्षीय छात्रा की मौत अब संदिग्ध नहीं रही। पोस्टमॉर्टम और अस्पताल की शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार छात्रा के साथ यौन शोषण हुआ, और उसके शरीर पर 12 से ज्यादा खरोंच के निशान मिले हैं। खरोंच ऐसे स्थानों पर हैं, जो पीड़िता के खुद को बचाने की कोशिश का संकेत देते हैं पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि छात्रा की मौत केवल दवा के ओवरडोज से नहीं हुई। शरीर पर बाहरी और अंदरूनी चोट के संकेत मिले हैं। पुलिस ने इसे सेकेंड ओपिनियन के लिए पटना AIIMS भेजा है ताकि जांच पूरी तरह निष्पक्ष हो।
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छात्रा के पीरियड के दौरान होने वाली ब्लीडिंग के कारण मेडिकल जांच में कुछ तकनीकी दिक्कतें आईं। डॉक्टरों ने स्पष्ट किया कि ब्लीडिंग का मतलब यह नहीं कि यौन शोषण नहीं हुआ। शुरुआती इलाज के दौरान निजी अस्पताल के डॉक्टरों ने भी शरीर पर चोट और सिर पर चोट के निशान देखे, लेकिन छात्रा की गंभीर स्थिति के कारण वह ठीक से बोल नहीं पा रही थी। पुलिस की शुरूआती थ्योरी थी कि छात्रा डिप्रेशन में थी और उसने नींद की दवा खाई। मोबाइल हिस्ट्री में सुसाइड और दवा से जुड़ी खोजें मिली थीं। लेकिन पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आने के बाद यह माना गया कि सेक्सुअल असॉल्ट की संभावना को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। इसके बाद हॉस्टल वार्डन मनीष रंजन को गिरफ्तार किया गया।
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छात्रा के पिता ने हॉस्टल प्रबंधन और पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि हॉस्टल ने जानकारी छुपाई और CCTV फुटेज डिलीट कर दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे किसी मुआवजे या समझौते की मांग नहीं करते, उन्हें सिर्फ अपनी बेटी के लिए न्याय चाहिए। इस घटना के बाद हॉस्टल परिसर में हंगामा हुआ और प्रशासन ने मामले की जांच तेज कर दी है। पुलिस की कोशिश है कि केस में शामिल सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों को सजा मिले।