Daesh NewsDarshAd

आश्रय विहीन को नि: शुल्क मिलेगा रात्रि भोजन- महापौर

News Image

ठंड के दौरान पटना नगर निगम द्वारा निर्मित रैन बसेरे में आश्रय लेने वाले आश्रय विहीनों को न सिर्फ निःशुल्क आश्रय की सुविधा मिलेगी बल्कि रात्रि भोजन भी उपलब्ध कराया जाएगा।जिससे कोई आश्रय विहीन भूखा ना सोए। पटना नगर निगम द्वारा संचालित रैन बसेरा में सोमवार रात्रि से यह सुविधा शुरू हो जाएगी रजिस्टर के अनुसार जो व्यक्ति रात में आश्रय स्थल में आश्रय लेंगे उन्हें इस सेवा का लाभ मिल सकेगा।महापौर सीता साहू के निर्देश पर आश्रितों को यह सुविधा उपलब्ध की जाएगी। गौरतलब है कि ठंड के दौरान पटना नगर निगम द्वारा शहर में बने स्थाई एवं अस्थाई रैन बसेरे आमजनों को राहत दे रहे है। एक तरफ जहां सड़क पर सोने वाले आश्रयविहिनों को राहत मिल रहा है वहीं प्रतियोगी परीक्षा के लिए पटना आ रहे छात्रों को भी आश्रय मिल रहा। ठंड में सड़क पर जीवन यापन करने वाले आश्रय विहीनों के लिए पटना नगर निगम द्वारा रैन बसेरा का संचालन किया गया है। यह पहली बार है कि अस्थाई एवं स्थाई रैन बसेरे के साथ जर्मन हैंगर तकनीकी रैन बसेरे की सुविधा भी दी जा रही है। पटना नगर निगम द्वारा कुल 29 रैनबसेरा का निर्माण किया गया है। जिसमें जर्मन हैंगर 12 , स्थाई 6 एवं अस्थाई 11 आश्रय स्थल है। सार्वजनिक स्थल चौक चौराहे, रेलवे स्टेशन एवं बस स्टैंड के नजदीक इनका निर्माण करवाया गया है जिससे कि आमजनों को अधिक दूरी नहीं तय करनी पड़े। आम लोगो को मिलनेवाली सुविधा की जानकारी को ले नगर आयुक्त द्वारा रात्रि में भ्रमण कर रैन बसेरे का निरीक्षण किया गया एवं सुनिश्चित किया गया कि  सभी आश्रितों को सभी सुविधाएं मिले। नगर आयुक्त के निर्देश पर सभी रैन बसेरा में दो कंबल की व्यवस्था की गई है जिससे आश्रितों को ठंड में राहत मिले। सफाई एवं सुरक्षा के दृष्टिकोण से सभी रैन बसेरे को सीसीटीवी से मॉनिटर भी किया जा रहा है। *रैन बसेरा में कुल 907 बेड की व्यवस्था है। जहां प्रतिदिन बेड लगभग फुल हो रहे है।पटना नगर निगम द्वारा ज्यादा से ज्यादा लोगों तक यह सुविधा पहुंचे इसके लिए समाज कल्याण विभाग के आउट रीच वर्कर (मोबिलाइजर ) के माध्यम से खुले आसमान में सोने वाले लोगों को रैन बसेरा ( स्थाई, अस्थाई एवं जर्मन हैंगर) के लिए प्रेरित किया जाएगा।

Darsh-ad

Scan and join

Description of image