गोपालगंज: कुचायकोट थाना क्षेत्र अंतर्गत मौज खजूरी गांव में छेड़खानी के विरोध में हुई मारपीट की घटना ने एक किशोरी की जान ले ली। 17 वर्षीय रागिनी कुमारी ने गुरुवार को इलाज के दौरान गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में दम तोड़ दिया। घटना के बाद गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है, जबकि पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
मिली जानकारी के अनुसार, 2 जनवरी को खजूरी गांव निवासी शत्रुघ्न कुशवाहा की बेटी रागिनी कुमारी के साथ गांव के ही कुछ युवकों ने छेड़खानी की थी। इस घटना की शिकायत करने जब रागिनी के चाचा और अन्य परिजन आरोपी पक्ष के घर पहुंचे, तो आरोप है कि आरोपी पक्ष ने अपने समर्थकों के साथ मिलकर रागिनी और उसके परिजनों पर हमला कर दिया। इस दौरान जमकर मारपीट की गई, जिसमें रागिनी गंभीर रूप से घायल हो गई। स्थानीय लोगों की मदद से रागिनी को पहले कुचायकोट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, जहां से डॉक्टरों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए गोपालगंज सदर अस्पताल रेफर कर दिया। गोपालगंज में भी स्थिति नाजुक बनी रहने पर उसे गोरखपुर मेडिकल कॉलेज भेजा गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
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रागिनी की मौत की खबर मिलते ही परिजन शव को लेकर कुचायकोट थाना पहुंचे और पुलिस से न्याय की मांग की। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने मुख्य आरोपियों को समय पर गिरफ्तार नहीं किया, बल्कि दबाव बनाने के लिए पीड़ित पक्ष के कुछ लोगों को भी जेल भेज दिया गया। परिजनों ने यह भी बताया कि रागिनी बीए की छात्रा थी और इस घटना में उसकी मां भी गंभीर रूप से घायल हुई हैं, जिनका इलाज गोरखपुर में चल रहा है।
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इस मामले में कुचायकोट थाने में कांड संख्या 02/26 दर्ज की गई है। पुलिस ने छह लोगों को नामजद आरोपी बनाया है। थानाध्यक्ष के अनुसार, फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी तेज कर दी गई है और जल्द सभी दोषियों को गिरफ्तार कर कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद पूरे इलाके में आक्रोश है और लोग दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी व कड़ी सजा की मांग कर रहे हैं।