पूर्णिया: इन दिनों भीषण ठंड के बीच पूर्णिया के सांसद पप्पू यदव लगातार राजनीतिक गर्मी बढ़ाते हुए दिख रहे हैं। इसी कड़ी में एक बार फिर उन्होंने भाजपा और भाजपा के नेताओं पर जम कर प्रहार किया। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी और जदयू को निशाने पर लेते हुए कहा कि कांच के घर में बैठी बीजेपी दूसरों के घरों में सेंध मार रही है, जबकि जदयू का तो अता-पता ही नहीं है। आज नीतीश कुमार के राजनीतिक घर में बीजेपी छेद कर रही है। पप्पू यादव ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रति उनका व्यक्तिगत, न्यायिक और सामाजिक सम्मान है, लेकिन उम्र के इस पड़ाव पर उनकी शारीरिक और मानसिक कमजोरियों का राजनीतिक फायदा बीजेपी उठा रही है।
पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने इसे बिहार की राजनीति के लिए दुर्भाग्यपूर्ण बताया। सांसद ने बीजेपी पर धार्मिक भावनाओं के नाम पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए कहा कि कभी भगवान गणेश को दूध पिलाने की बातें की जाती हैं तो कभी हनुमान जी से बातचीत के दावे सामने आते हैं। उन्होंने सवाल किया, “आखिर कब तक जनता को इस तरह ठगा जाएगा। पप्पू यादव ने कहा कि आज के समय में केवल कांग्रेस ही ऐसी पार्टी है जो संविधान, लोकतंत्र और हिंदुस्तान की एकता की मजबूती से रक्षा कर रही है। कांग्रेस दलित, पिछड़ा, अति पिछड़ा, अल्पसंख्यक सहित सभी जाति और धर्म को साथ लेकर चलने वाली पार्टी है। उन्होंने एसआईआर (SIR) के मुद्दे पर भी कटाक्ष करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं का इस्तेमाल राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए होना चाहिए। इसी क्रम में सांसद ने जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए।
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पपू यादव ने कहा कि पूर्णिया सहित आसपास के इलाकों में अवैध रूप से संचालित पैथोलॉजी लैब, नर्सिंग होम और निजी चिकित्सकों द्वारा अत्यधिक फीस वसूली की जा रही है, जो गरीब और मध्यम वर्ग के शोषण का खुला उदाहरण है। इस मुद्दे को वे अपने विधायक के साथ मिलकर विधानसभा में उठाएंगे। साथ ही उन्होंने सिविल सर्जन से पूछा कि जिले में कितने अवैध नर्सिंग होम संचालित हैं, उनकी निगरानी कैसे हो रही है और अब तक उनके खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है। मनरेगा को लेकर भी पप्पू यादव ने सरकार को घेरा और कहा कि बाढ़, आपदा या संकट के समय मनरेगा ने दलितों, पिछड़ों और अति पिछड़ों को सबसे अधिक राहत दी है, लेकिन आज इस योजना के साथ अधिकारों का हनन किया जा रहा है।
पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि मनरेगा की मूल भावना को कमजोर किया जा रहा है और नाम बदलने जैसे कदम उठाए जा रहे हैं, जबकि जरूरत योजना को और मजबूत करने की है। पप्पू यादव ने दो टूक कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर लूट, मनरेगा जैसे कानूनों को कमजोर करना और समाज को धर्म के नाम पर बांटना किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार और प्रशासन ने समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए, तो वे जनहित में सड़क से सदन तक संघर्ष करेंगे।
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