पटना: मकर संक्रांति के साथ ही बिहार में सियासी खिचड़ी बनना शुरू हो गया है। एक बार फिर मकर संक्रांति के अवसर पर पक्ष विपक्ष को दही चूड़ा के भोज में निमंत्रण देने का सिलसिला शुरू हो गया है वहीं मकर संक्रांति के अवसर पर बिहार में बड़ा खेल होने की भी बात कही जा रही है। इसी कड़ी में मीडिया से बात करते हुए बिहार के कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा कि बिहार में राजद के दिन अब खत्म हो गई। वे लोग लाख प्रयास कर लें लेकिन कभी सफल नहीं हो सकते हैं, इसका ताजा उदाहरण है बिहार विधानसभा चुनाव जिसमें जनता ने उन्हें नकार दिया है।
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इस दौरान कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि राजद के 25 में से 20 विधायक कभी भी पाला बदल सकते हैं और हमारे साथ आ सकते हैं, लेकिन अभी इन बातों को राज ही रहने दीजिए, पर्दा मत खुलवाईये। राजद को हमलोगों ने समाप्त नहीं किया है बल्कि वह खुद समाप्त हो रही है। राजद के 25 में से 20 विधायक असंतुष्ट हैं, पार्टी नेतृत्व पहले उन्हें संतुष्ट करें फिर कुछ और करें। इस दौरान उन्होंने मनरेगा योजना में बदलाव को लेकर कहा कि कोई योजना खत्म नहीं की जा रही है बल्कि उसमें बदलाव कर पहले से बेहतर बनाया गया है। पहले श्रमिकों को मात्र 100 दिन की रोजगार गारंटी थी जबकि अब 125 दिन की गारंटी दी जा रही है। उन्होंने इस दौरान कांग्रेस पर मनरेगा योजना में धांधली का भी आरोप लगाया और इसके विरोध को राजनीति बताया। इस दौरान कृषि मंत्री ने लालू यादव के बेटे तेज प्रताप यादव के चूड़ा दही के भोज में शामिल होने के सवाल पर कहा कि जब निमंत्रण आएगा तब देखा जाएगा।
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पटना से पशुपतिनाथ शर्मा की रिपोर्ट