रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया के माध्यम से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा कि बीते करीब दो दशकों तक बिहार की सत्ता में रहने के बावजूद राज्य को वास्तविक समृद्धि नहीं मिल सकी। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर इस यात्रा को “समृद्धि यात्रा” की बजाय “विदाई यात्रा” कहा जाता, तो शायद यह ज्यादा सटीक होता।उन्होंने आगे कहा कि इतने लंबे समय तक मुख्यमंत्री पद पर रहने के बावजूद बिहार आज भी कई बुनियादी समस्याओं से जूझ रहा है। रोजगार, उद्योग और आधारभूत ढांचे के विकास जैसे मुद्दों पर सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए उन्होंने राज्य की आर्थिक स्थिति को चिंताजनक बताया।

दरअसल, हाल ही में आई नीति आयोग की रिपोर्ट में भी बिहार की आर्थिक स्थिति को लेकर गंभीर संकेत दिए गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक बिहार देश का सबसे आर्थिक रूप से कमजोर राज्य माना गया है, जहां गरीबी दर सबसे अधिक और प्रति व्यक्ति आय सबसे कम बताई गई है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि राज्य अभी भी बहुआयामी गरीबी, सीमित औद्योगिक विकास और कमजोर अवसंरचना जैसी चुनौतियों से जूझ रहा है। आंकड़ों के अनुसार बिहार की लगभग 50 प्रतिशत आबादी गरीबी रेखा के नीचे जीवनयापन करने को मजबूर है।

इधर, नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की संभावनाओं को लेकर सियासी गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। हाल ही में उन्होंने केंद्रीय नेताओं की मौजूदगी में राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल किया, जिसके बाद विपक्ष लगातार उन पर हमलावर है। रोहिणी आचार्य के बयान ने इस राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है।