Patna :-वक्फ संशोधन बिल बुधवार को लोकसभा में पेश की जाएगी, इसको लेकर सत्ता पक्ष और विपक्षी नेताओं के बीच लगातार बयान बाजी हो रही है, इस बयानबाजी के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जदयू के एक एमएलसी ने लालू प्रसाद के राजद वाला स्टैंड लिया है, इसके बाद सत्ताधारी बिहार की एनडीए में ही आपस में वार- पलटवार होने लगा है.
JDU MLC गुलाम गौस ने कहा है कि वक्फ संशोधन बिल कहीं से भी न्यायोचित नहीं है कोई भी नियम या कानून देश की भलाई के लिए बनाई जाती है इससे पहले किसान कानून बना था और आंदोलन के बाद उसे वापस लिया गया इस तरह वक्फ बिल भी वापस लीजिए, मैं पूछना चाहता हूं कि क्या पटना के महावीर मंदिर की कमिटी में मुझे मेंबर बनाया जाएगा? इसलिए वक्फ संशोधन बिल को तत्काल वापस लेना चाहिए यह बिल मुसलमान के खिलाफ है.अड़ियल रवैया से लोकतंत्र में काम नहीं चलता है.
वहीं जेडीयू एमएलसी गुलाम गौस के इस बयान पर सहयोगी बीजेपी ने कड़ा एतराज जताया है. बीजेपी के मीडिया प्रभारी दानिश इकबाल ने कहा कि गुलाम गौस वक्फ बोर्ड के दलालों के साथ खड़े हैं. गुलाम गौस के जैसे चंद और लोगों की मानसिकता तीन तलाक और आर्टिकल 370 का विरोध करने वाले की तरह है.
बताते चलें कि जदयू एमएलसी गुलाम गौस का बयान बिल पेश करने से एक दिन पहले और लालू प्रसाद यादव से मुलाकात करने के 1 दिन बाद आया है. ईद के दिन गुलाम गौस ने राबड़ी आवास जाकर लालू यादव से मुलाकात की थी, उस दिन मीडिया के सवाल के जवाब देते हुए गुलाम गौस ने कहा था कि लालू प्रसाद यादव से उनके अच्छे संबंध हैं. वे होली दिवाली और ईद पर एक दूसरे से मिलते रहे हैं इसलिए इस मुलाकात का राजनीतिक मायने ना निकल जाए, लेकिन गुलाम गौस के आज का बयान लालू यादव से मुलाकात का असर माना जा रहा है. बताते चलें कि गुलाम गौस पहले आरजेडी में ही थे, और साल 2014 में जेडीयू और नीतीश के साथ आए थे.