Patna :- केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने बिहार के दो दिवसीय दौरे के दौरान जहां एनडीए नेताओं के साथ बैठक कर आगामी विधानसभा चुनाव की रणनीति की चर्चा की वहीं लालू प्रसाद यादव और उनके राज पर जमकर निशाना साधा, अब लालू प्रसाद यादव के बेटे और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने केंद्रीय गृह मंत्री पर पलटवार किया है.
पटना में प्रेस वार्ता आयोजित का तेजस्वी यादव ने कहा, कि प्रधानमंत्री मोदी जी के बाद केंद्रीय गृह मंत्री सबसे पावरफुल नेता और मंत्री हैं, पर बिहार आने से पहले उन्होंने पूरी तैयारी नहीं की थी, वे सही आंकड़ा पेश नहीं कर पाए. उनका भाषण झूठ और जुमला से ज्यादा कुछ नहीं था. लालू जी को कोसना एक मात्र उद्देश्य रह गया गया.वे खुद केंद्र सरकार में गृह मंत्री हैं उनके पास तो सारा डाटा होगा. उन्हें जंगल राज पर बोलने के साथ-साथ नीतीश कुमार के 20 साल के कार्यकाल पर केंद्र सरकार के आंकड़े पर चर्चा करनी चाहिए थी.
तेजस्वी यादव ने कहा कि केंद्र के आंकड़े के अनुसार नीतीश के 20 साल के शासनकाल में 65000 लोगों की हत्या हुई, 25000 बलात्कार हुआ, एक लाख का अपहरण और 3 लाख चोरी की घटना हुई है.इनके कार्यकाल में पुलिस पर सबसे ज्यादा हमला की घटना हुई है. तेजस्वी ने कहा प्रधानमंत्री जी ने बिहार के 40 घोटाले की चर्चा की थी. सुप्रीम कोर्ट ने बिहार की कानून व्यवस्था को लेकर शर्मनाक, दुर्भाग्यपूर्ण और बेहद डरावना माहौल बताया था.एससी एसटी आयोग के अनुसार बिहार में सबसे ज्यादा अत्याचार हुआ है.अमित शाह जी को उसकी भी चर्चा करनी चाहिए थी.
हमने 17 महीने के कार्यकाल में आरक्षण की सीमा 65 फ़ीसदी की तो इन लोगों ने अनुसूची 9 में क्यों नहीं डाली. UPA-1 की सरकार के दौरान लालू यादव ने केंद्र से बहुत बड़ी राशि सहायता दिलवाई थी. अमित शाह को इस पर चर्चा करनी चाहिए, और इस पर बहस के लिए लालूजी को छोड़िए, तेजस्वी यादव गांधी मैदान समेत कहीं भी बहस करने के लिए तैयार है.
तेजस्वी ने कहा कि गृह मंत्री जी को यह बताना चाहिए कि केंद्र की मोदी सरकार ने 11 साल में गुजरात को कितना पैसा दिया और बिहार को कितना दिया. उन्हें सौतेला व्यवहार के बारे में जानकारी देनी चाहिए. विश्वविद्यालय तो छोड़िए केंद्रीय विद्यालय कितने शुरू की है इसके बारे में ही बता दें. कितना चीनी मिल चालू कराए हैं इसके बारे में बताना चाहिए था.इसको लेकर प्रधानमंत्री जी ने खुद वादा किया था कि अगली बार वे यही की चीनी का चाय पियेंगे. बेरोजगारी, गरीबी पलायन में नीति आयोग में बिहार सबसे फिसड्डी है. बिहार सरकार अपना एक काम बता दो जिसमें वह नंबर वन हो.