चैंपियंस ट्रॉफी 2025 भारत ने अपने नाम कर लिया. जिसके बाद हर तरफ जश्न का माहौल है. ऐसे में चैंपियंस ट्रॉफी जीतने के बाद अब आईपीएल की बारी है. दरअसल, 22 मार्च से इंडियन प्रीमियर लीग का 18वां सीजन शुरू होने वाला है, जिसको लेकर फैंस काफी एक्साइटेड दिख रहे हैं. बता दें कि, टूर्नामेंट होम एंड अवे फॉर्मेट में खेला जाएगा, जिसके लिए सभी टीमों ने अपने अपने स्तर पर तैयारी शुरू कर दी है. इस बीच स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय ने आईपीएल चेयरमैन को पत्र लिखकर आईपीएल के दौरान सरोगेट विज्ञापन और बिक्री सहित तंबाकू और शराब के विज्ञापनों को रोकने के सम्बन्ध में पत्र लिखा है.
एक हिंदी न्यूज चैनल की माने तो, पत्र में लिखा गया है कि भारत में इस समय डायबिटीज, फेफड़ों की बीमारियां, कैंसर जैसी गंभीर बीमारियां तेजी से बढ़ रही है. तंबाकू और शराब का सेवन इन बीमारियों के बढ़ने की प्रमुख वजह है. तंबाकू से होने वाली सबसे ज्यादा मौतों में भारत दूसरे स्थान पर आता है. शराब की वजह से भारत में प्रत्येक वर्ष 14 लाख लोग दम तोड़ते हैं. इससे पहले स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी खेल टूर्नामेंट के दौरान शराब और तंबाकू के प्रचार प्रसार पर रोक लगाने कि सिफारिश की थी.
बता दें कि, आईपीएल दुनिया की सबसे बड़ी टी20 लीग है. इस लीग की दीवानगी भारत में बहुत ज्यादा है. हर मैच के लिए टिकट की मारामारी रहती है. व्यूज के मामले में भी हर साल पिछले साल के मुकाबले ज्यादा दर्शक दर्ज किए जाते हैं. एक रिपोर्ट के मुताबिक जियोस्टार ने IPL 2025 के लिए साढ़े 4 हजार करोड़ का रेवेनुए टारगेट रखा है. अनुमान है कि सभी 10 टीमें स्पॉन्सरशिप रेवेन्यू में 1300 करोड़ के आस पास कमा सकती है. आईपीएल मैचों के दौरान प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से तंबाकू आदि के विज्ञापन दिखाए जाते हैं. इसका बुरा असर युवा पीढ़ी पर होता है. इन विज्ञापनों से भी बीसीसीआई की मोटी कमाई होती है.