पटना: कांग्रेस इन दिनों खुल कर केंद्र और बिहार सरकार की योजनाओं का विरोध कर रही है। इसी कड़ी में बीते दिनों मनरेगा योजना के नाम और स्वरूप में बदलाव को लेकर कांग्रेस बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन का मूड बना चुकी है। इसी कड़ी में गुरुवार को राजधानी पटना में स्थित सदाकत आश्रम कांग्रेस कार्यालय में कांग्रेस के प्रदेश नेताओं की बड़ी बैठक की गई। बैठक में 'मनरेगा बचाओ संग्राम' को लेकर चर्चा की गई और विरोध प्रदर्शन का स्वरूप तय किया गया।
इस मामले में बात करते हुए बिहार कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने कहा कि हमलोग मनरेगा योजना बचाने के लिए बड़ा संग्राम करने जा रहे हैं। मनरेगा योजना गरीब लोगों के लिए वरदान थी जिसे अब केंद्र सरकार ने बदल दिया है। इसके विरुद्ध हमलोग 10 जनवरी से चरणबद्ध विरोध प्रदर्शन करने जा रहे हैं। राजेश राम ने कहा कि आज की बैठक में राज्य के कई वरिष्ठ नेता के साथ जिलाध्यक्ष जुटे हैं। हमलोग मनरेगा बचाओ संग्राम पर बातचीत कर रहे हैं। यह संग्राम 10 जनवरी से 25 फरवरी तक किया जायेगा।
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इसके तहत आज 8 जनवरी को पीसीसी स्तर पर बैठक कर रहे हैं। इसके बाद 10 जनवरी को जिला स्तरीय प्रेस कांफ्रेंस करेंगे और 11 जनवरी को एकदिवसीय उपवास का आयोजन किया जायेगा। 12 जनवरी से 29 जनवरी तक हमलोग पंचायत स्तरीय जनसंपर्क अभियान करेंगे। 30 जनवरी को वार्ड स्तरीय शांतिपूर्ण धरना देंगे जबकि 31 जनवरी से 6 फरवरी तक जिला स्तरीय मनरेगा बचाओ अभियान चलेगा। 7 फरवरी से 15 फरवरी तक राज्य स्तरीय विधानसभा का घेराव करेंगे और 16 फरवरी से 25 फरवरी तक क्षेत्रीय स्तर पर कांग्रेस की रैलियां होंगी।
राजेश राम ने कहा कि मनमोहन की सरकार ने 2005 में मनरेगा योजना शुरू की थी। कांग्रेस की सरकार ने बेरोजगार मजदूरों को आर्थिक रूप से सबल और मजबूत करने के लिए यह योजना लाई थी। आज उस योजना को बंद कर दिया गया। उन लोगों को बापू के नाम से नफरत है इसलिए उनलोगों ने नाम बदल दिया और तीसरी बात है कि कांग्रेस के द्वारा लाई गई योजना से उन्हें दिक्कत है। हमारे द्वारा दिए गये नाम में मनरेगा योजना नाम था जबकि आज उनलोगों ने नाम बदल कर मिशन कर दिया है। मिशन और योजना में काफी अंतर है। मिशन एक निश्चित समय तक चलाई जाती है जबकि योजना जरूरत के अनुसार चलाई जाती है।
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कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने कहा कि यह सत्ता गरीबों के खिलाफ है, ये लोग नहीं चाहते हैं कि गरीब सबल बनें इसलिए इस योजना को बंद कर दिया है। हमलोग इसके विरोध में लगातार संग्राम करेंगे। उन्होंने कहा कि हमलोग पंचायत स्तर से लेकर राज्य स्तर तक विरोध करेंगे। वहीं भाजपा के द्वारा इस फैसले को वापस लिए जाने को लेकर उन्होंने कहा कि भाजपा जिद्दी सरकार रही है लेकिन कई बार इसने यू टर्न भी लिया है, इसलिए हम आन्दोलन कर रहे हैं।
राजेश राम ने SIR के मुद्दे को उठाते हुए कहा कि चुनाव आयोग ने भाजपा के साथ मिल कर बिहार चुनाव में इतनी धांधली की, वोट चोरी की और उसके विरोध में हमलोगों ने आंदोलन किया फिर भी उसे वापस नहीं लिया। हमलोग इस अपेक्षा के साथ नहीं हैं कि भाजपा हमारी बात सुने बल्कि हम इस अपेक्षा के साथ हैं कि हम जनहित के मुद्दों पर जनता को उसका हक दिलाने के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं। हमलोग अपनी लड़ाई को आगे बढ़ा रहे हैं। वहीं उन्होंने महागठबंधन के सहयोगी दलों का साथ मिलने के सवाल को टाल दिया।
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