मधुबनी: बिहार विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद महागठबंधन और उसके घटक दलों के अंदर ही खींचतान जारी है। एक तरफ कांग्रेस पार्टी हार के कारणों की समीक्षा करने में लगी है तो दूसरी तरफ कुछ कार्यकर्ता अभी भी आरोप प्रत्यारोप में लगे हुए हैं और इसी वजह से मंगलवार को मधुबनी में पार्टी कार्यालय में प्रदेश अध्यक्ष के सामने ही दो गुट आपसे में भिड़ गए। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने एक दूसरे पर जम कर लात घूंसे और लाठी डंडे बरसाए।
मामला मधुबनी में स्थित कांग्रेस कार्यालय का है जहां मंगलवार को प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम और विधानसभा में विधायक दल के पूर्व नेता शकील अहमद खान हार की समीक्षा करने पहुंचे थे। इस दौरान कुछ लोगों ने टिकट वितरण में अनियमितता की शिकायत की जिसके बाद दूसरे गुट के लोगों ने विरोध करना शुरू कर दिया। इस बात को लेकर विवाद बढ़ता गया और अचानक दोनों ही गुट के लोग एक दूसरे पर टूट पड़े। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम इस दौरान कार्यकर्ताओं को मारपीट रोकने के लिए कहते रहे लेकिन किसी ने उनकी नहीं सुनी और एक दूसरे पर लाठी डंडे बरसाते रहे।
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मामले को लेकर कांग्रेस के एक कार्यकर्ता ने कहा कि टिकट वितरण को लेकर कुछ शिकायतें थी। प्रदेश के जो लोग आये थे, कार्यकर्ता उनके समक्ष अपनी शिकायत रख रहे थे तभी हमारी पार्टी के ही दूसरे गुट के लोग उनसे उलझ गए और मारपीट करना शुरू कर दिया। यह बहुत ही गलत बात है कि आपस में इस तरह से मारपीट करें। अगर कहीं कोई समस्या है तो उसे आपस बातचीत से सुलझाना चाहिए। टिकट बंटवारे में जो भी होना था वह तो हो गया, टिकट वितरण का अंतिम फैसला केंद्रीय नेतृत्व ने लिया है तो अब इस तरह से मारपीट करना सही नहीं है।
वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शकील अहमद खान ने कहा कि चुनाव में हार का विश्लेषणात्मक अध्ययन दिल्ली और पटना में की जा चुकी है। जिलाध्यक्षों के साथ बैठक की गई थी और सभी से फीडबैक लिया जा चुका है। अब हमलोगों से भी बातचीत कर रहे हैं और जो भी बातें सामने आएँगी वह हम पार्टी नेतृत्व के समक्ष रखेंगे।
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