पटना: बड़ी खबर राजधानी पटना से है जहां बीते दिनों एक निजी हॉस्टल में एक छात्रा की संदिग्ध मौत का संज्ञान बिहार के गृह मंत्री ने ली है। गृह मंत्री के निर्देश पर अब डीजीपी ने मामले की जांच के लिए एक SIT गठित कर दी है। मामले की जांच के लिए गठित SIT की मॉनिटरिंग पटना के आईजी जितेंद्र राणा करेंगे जबकि SIT का नेतृत्व पटना सिटी एसपी पूर्वी करेंगे।
IG करेंगे मॉनिटरिंग
इस संबंध में बिहार पुलिस के डीजीपी विनय कुमार ने एक आदेश जारी किया है जिसमें उन्होंने बताया कि राजधानी पटना के चित्रगुप्त नगर थाना में दर्ज कांड की जांच के लिए उच्च स्तरीय SIT गठित की गई है। इसकी मॉनिटरिंग पटना के IG जितेंद्र राणा करेंगे वहीं पटना सिटी एसपी पूर्वी परिचय कुमार के नेतृत्व में एक महिला और एक पुरुष डीएसपी, एक महिला और एक महिला इंस्पेक्टर मामले की जांच करेंगे। इसके साथ ही आवश्यकता के अनुसार SIT में अन्य SI और ASI या सिपाही को भी रखा जा सकता है।
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गृह मंत्री ने लिया संज्ञान
डीजीपी के द्वारा आदेश जारी किये जाने के बाद गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट कर मामले की जानकारी दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया कि SIT गठित कर दी गई।

क्या है मामला
बता दें कि बीते 5 जनवरी को छात्रा घर से लौटी थी और 6 जनवरी को उसने अन्य छात्राओं के साथ खाना खा कर अपने कमरे में चली गई और फिर बाहर नहीं आई। अन्य छात्राओं और हॉस्टल वार्डन को जब कुछ शंका हुई तो कमरे का दरवाजा तोड़कर बेहोशी की हालत में उसे निकाला गया और अस्पताल पहुँचाया गया। छात्रा को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां 5 दिनों तक इलाज चला लेकिन कोई सुधार नहीं होने पर परिजन उसे लेकर फिर मेदांता अस्पताल गए जहां 11 जनवरी को उसकी मौत हो गई।
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12 जनवरी को पोस्टमार्टम के बाद गांधी मैदान के समीप सड़क जाम कर हंगामा भी किया था। इस दौरान पुलिस ने उनके ऊपर लाठीचार्ज भी किया था। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट में छात्रा के साथ दुष्कर्म की पुष्टि हुई है। शुक्रवार को मृतिका के परिजनों ने राजधानी पटना में एक प्रेस कांफ्रेंस कर हॉस्टल संचालक, एक अस्पताल के संचालक समेत स्थानीय थानाध्यक्ष पर गंभीर आरोप लगाये और रूपये के बल पर मामले की लीपापोती का आरोप लगाया। परिजनों ने कहा कि हम पहले दिन से पूरे मामले की गंभीरता से जांच की मांग कर रहे हैं लेकिन थानाध्यक्ष ने हॉस्टल संचालक और अस्पताल के प्रबंधक की मिलीभगत से पूरा मामला रफा दफा करने की कोशिश की। हमलोग पहले दिन से आशंका व्यक्त कर रहे थे कि हमारी बेटी के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया है लेकिन पटना के SSP ने भी बगैर जांच किये एक प्राइवेट डॉक्टर के बयान पर प्रेस में यह कह दिया कि ऐसी कोई बात नहीं है।
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