पूर्वी चंपारण: मोतिहारी जिले से एक चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है, जो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह वीडियो पिपरा थाना क्षेत्र के चिंतावनपुर एनएच का बताया जा रहा है, जहां रात के समय पिपरा थाना की गश्ती टीम में शामिल एक दरोगा के साथ सरेआम बदसलूकी की गई। हैरानी की बात यह है कि वीडियो में दरोगा का कॉलर पकड़ा हुआ साफ दिखता है, जबकि गश्ती दल के अन्य पुलिसकर्मी या वाहन चालक कहीं नजर नहीं आते।
वीडियो सामने आने के बाद कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। क्या रात के वक्त एक दरोगा अकेले गश्त करता है? अगर गश्ती दल साथ था तो वे मौके से गायब कैसे हो गए? वीडियो में एक पिकअप चालक दरोगा पर पैसे लेने और मोबाइल छीनने का आरोप लगाता दिख रहा है, वहीं दरोगा का कहना है कि संदिग्ध पिकअप वाहन को रोकने पर चालक ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया।
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दरोगा के अनुसार पुलिस को शक था कि पिकअप वाहन में शराब हो सकती है, इसी कारण पीछा कर वाहन को रोका गया। लेकिन जिस तरह से बीच सड़क पर पुलिस अधिकारी का कॉलर पकड़कर वीडियो बनाया गया, उसने मोतिहारी पुलिस की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि घटना के बाद अब तक पिपरा थाना में कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। न ही किसी आरोपी की गिरफ्तारी हुई है। इससे आम लोगों में यह सवाल उठ रहा है कि जब खुद पुलिसकर्मी सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी।
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मामले को लेकर मोतिहारी के पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने कहा है कि इस पूरे मामले की जांच की जा रही है और पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज कर आरोपी को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। हालांकि, अब भी लोग कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं। यह घटना न सिर्फ कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि खाकी के इकबाल और पुलिस की छवि पर भी गंभीर असर डालती है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले में कितनी तेजी और सख्ती से कदम उठाता है।
मोतिहारी से प्रशांत कुमार की रिपोर्ट ।