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परिवहन विभाग का चौंकाने वाला दांव, परिवहन विभाग का वह सीक्रेट हथियार जो हादसों को रोक देगा

हेलमेट न लगाया तो पछताओगे! परिवहन विभाग का वह सीक्रेट हथियार जो हादसों को रोक देगा। नौवीं क्लास के बच्चे बनेंगे सड़क के 'सुपरहीरो'! जानिए कैसे? आंखों की जांच से हादसे रुकेंगे! परिवहन विभाग का चौंकाने वाला दांव

The transport department's surprising move.
परिवहन विभाग का चौंकाने वाला दांव, परिवहन विभाग का वह सीक्रेट हथियार जो हादसों को रोक देगा- फोटो : Darsh News

पटना: बिहार में सड़क हादसों की संख्या को कम करने के लिए परिवहन विभाग ने जमीनी स्तर पर व्यापक अभियान छेड़ रखा है। जनवरी माह में पूरे राज्य में सुरक्षित ड्राइविंग को लेकर जोरदार जागरूकता फैलाई जा रही है। इस अभियान के तहत चालकों को सड़क यातायात संकेतों और सुरक्षा नियमों पर रिफ्रेशर ट्रेनिंग दी जा रही है। साथ ही जिलों में जागरूकता रथ और चालकों की नि शुल्क नेत्र जांच भी की जा रही है।

युवा पीढ़ी के बीच जागरूकता अभियान

जिला परिवहन पदाधिकारी, पटना और मिशन रोड सेफ्टी की संयुक्त पहल से शैक्षणिक संस्थानों में 9वीं से 12वीं कक्षा के छात्र-छात्राओं को रोजाना प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से सड़क सुरक्षा का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। नवंबर 2025 से शुरू हुए इस अभियान में अब तक 25 संस्थानों के 10 हजार से अधिक छात्रों को सीधे प्रशिक्षित किया जा चुका है, जबकि अप्रत्यक्ष रूप से करीब 50 हजार छात्रों तक संदेश पहुंचाया गया है। इन संस्थानों के शिक्षक, कर्मचारी, वाहन चालक और संवाहक भी सुरक्षित ड्राइविंग के लिए प्रशिक्षित हो रहे हैं। विभाग का लक्ष्य 31 मार्च 2026 तक 100 शैक्षणिक संस्थानों में यह संदेश पहुंचाना है।

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हेल्मेट, सीटबेल्ट और स्पीड लिमिट पर जोर

सोशल मीडिया, अखबारों और जनसंपर्क के माध्यम से लोगों से अपील की जा रही है कि वे आईएसआई मार्क वाले हेल्मेट, सीटबेल्ट का उपयोग करें और स्पीड लिमिट का पालन करें। परिवहन मंत्री ने कहा कि लोगों की जान की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। शैक्षणिक संस्थानों में व्यापक कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। जिला अधिकारी और एसपी भी सक्रिय रूप से लोगों को जागरूक कर रहे हैं। ठंड के मौसम में कुहासे के कारण बढ़ने वाली दुर्घटनाओं से निपटने के लिए जरुरी कदम उठाए गए हैं। साथ ही राष्ट्रीय व राजकीय मार्गों पर ई-रिक्शा परिचालन बंद करने और जुगाड़ गाड़ियों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के लिए भी निर्देश जारी किए है।

राहवीरों के लिए 25 हजार का इनाम

सड़क दुर्घटना में घायलों की तत्काल मदद करने वाले राहवीरों को 25 हजार रुपये का इनाम दिया जाएगा, ताकि 'गोल्डन आवर' में सहायता सुनिश्चित हो सके।

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