गोपालगंज: पूर्वी चंपारण जिले में निर्माणाधीन विराट रामायण मंदिर में स्थापित होने वाला विश्व का सबसे बड़ा शिवलिंग बिहार में प्रवेश कर चुका है। 96 चक्के वाले ट्रक पर लोड करीब 210 मीट्रिक टन वजनी विशाल शिवलिंग जैसे ही गोपालगंज पहुंचा लोगों ने भव्य स्वागत किया और पूजा अर्चना की। इसके बाद ट्रक के आगे बढने के साथ ही लोग जगह जगह पर पूजा अर्चना कर रहे हैं। करीब 48 से 50 घंटे की यात्रा के बाद यह ट्रक पूर्वी चंपारण में प्रवेश करेगा और फिर मंदिर पहुंचेगा जहां इसे स्थापित की जाएगी।
इस शिवलिंग की खासियत है कि इसे एक विशाल ग्रेनाइट पत्थर से बनाया गया जो भारतीय शिल्पकला का अद्भुत नमूना है। शिवलिंग में पारंपरिक नक्काशी शैली की झलक भी स्पष्ट दिखाई दे रही है। शिवलिंग निर्माण करने वाली कंपनी के संस्थापक ने बताया कि इसके निर्माण करीब तीन करोड़ रूपये का खर्च हुआ है। अब इसे पूर्वी चंपारण में बन रहे विराट रामायण मंदिर में स्थापित किया जायेगा।
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बता दें कि इस मंदिर के निर्माण का शिलान्यास महावीर मंदिर न्यास समिति से जुड़े किशोर कुणाल ने जून 2023 में किया था। यह मंदिर 1080 फुट लंबा और 540 फुट चौड़ा होगा। मंदिर के नींव के बाद प्रवेश द्वार, सिंह द्वार, नंदी मंडप और गर्भगृह का पाइलिंग का काम किया जा चुका है और संभावना जताई जा रही है कि इस वर्ष फरवरी तक शिवलिंग मंदिर में स्थापित कर दिया जायेगा। विराट रामायण मंदिर देश के सबसे बड़े मन्दिरों में से एक होगा। इस शिवलिंग का निर्माण तमिलनाडू के महाबलीपुरम में किया गया है जहां से उसे एक विशाल ट्रक पर लोड कर पूर्वी चंपारण में स्थित मंदिर तक लाया जा रहा है।
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