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सीएम के काम पर नहीं है कोई संदेह लेकिन शिक्षा विभाग..., मंत्री सुनील कुमार को लेकर कह दी बड़ी बात...

बिहार में नई सरकार के गठन के बाद एक बार फिर विभिन्न भर्ती परीक्षाओं की मांग तेज हो गई है। इसके साथ ही STET परिणाम पर भी अभ्यर्थी सवाल उठाने लगे हैं। अब इस मामले में गुरु रहमान ने बड़ी बात कह दी...

There is no doubt about the work of the CM.
सीएम के काम पर नहीं है कोई संदेह लेकिन शिक्षा विभाग..., मंत्री सुनील कुमार को लेकर कह दी बड़ी बात...- फोटो : Darsh News

पटना: बिहार में शिक्षक पात्रता परीक्षा से पहले अभ्यर्थियों की मांग पर शिक्षा विभाग ने STET परीक्षा का आयोजन करवाने के साथ ही परिणाम भी घोषित कर दिया है। परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद कुछ अभ्यर्थी परीक्षा समिति पर कई तरह के सवाल उठा रहे हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि परीक्षा प्रश्नपत्र में 15 प्रश्न गलत थे जिसे बोर्ड ने भी माना है और उसके अनुरूप अंक नहीं दिए गए हैं। अब इस मामले में बात करते हुए गुरु रहमान ने एक तरफ बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष आनंद किशोर और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की कार्यशैली की सराहना की तो दूसरी तरफ STET परीक्षा परिणाम पर सवाल भी उठाया।

बोर्ड स्पष्ट करे छात्रों की मांग

दर्श न्यूज से खास बातचीत करते हुए गुरु रहमान ने कहा कि मैं परीक्षा समिति के आनंद किशोर को उनके छात्र जीवन के समय से जानता हूं और उनकी योग्यता और सक्षमता समेत काम करने के तरीके पर मुझे बहुत भरोसा है कि वे बेहतर काम करते हैं। मैं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की कार्यशैली पर भी बहुत गर्व करता हूं कि उन्होंने बहुत बेहतर काम किया है लेकिन STET परीक्षा परिणाम के मामले में छात्रों का कहना है कि 15 प्रश्न गलत आए थे जिसे परीक्षा समिति ने भी माना है तो मैं कहना चाहता हूं कि बोर्ड यह स्पष्ट करे कि किस किस प्रश्नों और उसके उत्तर को सही किया गया है और छात्रों को उसके बदले में कितने अंक दिए हैं। उन्होंने कहा कि यह मुख्यमंत्री और परीक्षा समिति के अध्यक्ष ने यह बहुत ही बेहतर काम किया है कि TRE 4 की परीक्षा से पहले STET की परीक्षा आयोजित करवाई ताकि अब ये लोग भी अब शिक्षक भर्ती परीक्षा में शामिल हो सकते हैं। अब मैं विभाग और सरकार से मांग करता हूं कि 1 लाख हो या 70 हजार अब जल्दी से शिक्षक भर्ती परीक्षा की अधिसूचना जारी कर परीक्षा आयोजित करें।

घोषणा नहीं अब जमीनी हकीकत बनाएं

इस दौरान गुरु रहमान ने लाइब्रेरियन अभ्यर्थियों के प्रदर्शन पर कहा कि अगर विद्यालय मंदिर है तो उसका पुरोहित लाइब्रेरियन होते हैं। 17 वर्षों से लाइब्रेरियन की बहाली नहीं निकाला जाना एक तरह से शिक्षा व्यवस्था पर बहुत बड़ा आघात है। ये लोग बार बार 5500 लाइब्रेरियन की भर्ती की बात करते हैं तो मैं पूछना चाहता हूं कि यह भर्ती परीक्षा कब होगी। LET की परीक्षा कब होगी या बिना LET के ही भर्ती होगी यह स्पष्ट क्यों नहीं करते हैं। जितना भी पद देना है दें लेकिन अभ्यर्थियों की मांग पूरी होनी चाहिए। जब बच्चों ने उनकी शर्त को स्वीकार कर लिया है तो अब सरकार भी अपना वादा पूरा करे।

शिक्षा मंत्री पड़ गए हैं ढीले

इस दौरान गुरु रहमान ने शिक्षा विभाग को दो भागों में बांटे जाने पर कहा कि यह कदम किसी चीज को बेहतर बनाने के लिए किया जाता है तो अच्छा करें। शिक्षा मंत्री एक बेहतर पुलिस अधिकारी थे और उनकी छवि रॉबिनहुड वाली थी लेकिन जब से वे शिक्षा मंत्री बने हैं तब से उनके काम की गति में कमी आई है। अगर मुझे मिलेंगे तो मैं भी उनसे कहूंगा कि आप पुलिस अधिकारी के रूप में बेहतर काम कर चुके हैं अब एक बार फिर आप कुछ ऐसा करिए कि लोग आपका नाम लें। 

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