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अब इस काम में नहीं होगी देरी, इन लोगों को 24 घंटे के अंदर पैसा देगी सरकार जबकि...

अब देरी नहीं, आपदा पीड़ित को 24 घंटे में राहत। आपदा राहत पर सरकार का FAST TRACK MODEL. अब इस काम में नहीं होगी देरी, इन लोगों को 24 घंटे के अंदर पैसा देगी सरकार जबकि...

There will be no further delay in this work.
अब इस काम में नहीं होगी देरी, इन लोगों को 24 घंटे के अंदर पैसा देगी सरकार जबकि...- फोटो : Darsh News

पटना: आपदा प्रबंधन विभाग अब पीड़ितों को राहत राशि तेजी से उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रहा है। सर्प दंश पीड़ितों को 24 घंटे के अंदर लाभ देने की व्यवस्था शुरू की जाएगी, जबकि अग्निकांड पीड़ितों को 15-20 दिनों में राहत पहुंचाया जाएगा। आपदा प्रबंधन विभाग के मंत्री नारायण प्रसाद ने बुधवार को पटना स्थित सरदार पटेल भवन में राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को पूरी संवेदनशीलता और सजगता के साथ आपदा प्रबंधन का कार्य करने के निदेश दिए। उन्होंने कहा कि सर्प दंश के मामलों में इलाज शुरू होने से पहले डॉक्टर द्वारा काटने के निशान की फोटो ली जाएगी और इसके आधार पर 24 घंटे के अंदर पीड़ित को राहत राशि उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। मंत्री ने देर से भुगतान की पुरानी प्रथा को पूरी तरह बदलने पर जोर दिया ताकि पीड़ित समय पर राशि का उपयोग कर सकें। अग्निकांड से पीड़ितों के लिए भी मंत्री ने कहा कि उन्हें अधिकतम 15 से 20 दिन के अंदर भुगतान किया जाए।

सभी जिलों में बनेगा एसडीआरएफ भवन

उन्होंने सभी आपदा संबंधी मामलों को गंभीरता से लेने और एसी/डीसी और यूसी के लंबित मामलों को तत्काल निपटाने के निर्देश दिए। मंत्री प्रसाद ने सभी जिलों में एसडीआरएफ भवन के लिए शीघ्र जमीन चिह्नित कर निर्माण शुरू करने के भी निर्देश दिए ताकि आपदा की स्थिति में त्वरित राहत पहुंचाई जा सके।

फसल क्षति भुगतान में आएगी तेजी 

बैठक में विभाग के सचिव डॉ चन्द्रशेखर सिंह ने बताया कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में पंचायत स्तर पर पहले से चिह्नित क्षेत्रों और परिवारों का डाटा तैयार किया जाता है, जिससे आपदा आने पर जल्द भुगतान संभव हो सके। फसल क्षति के भुगतान को त्वरित रूप से सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने अधिकारियों को महत्त्वपूर्ण निदेश दिए। सचिव ने स्पष्ट किया कि गाइडलाइन में सर्पदंश के मामलों में विसरा व पोस्टमार्टम रिपोर्ट की अनिवार्यता का कोई प्रावधान नहीं है।

शीत लहर से बचाव के व्यापक इंतजाम

बैठक में राज्यभर में शीतलहर से निपटने के लिए किए गए इंतजामों की भी समीक्षा की गई। राज्य भर में 85 से आश्रय स्थल (रैन बसेरा) बनाए गए हैं, जहां अब तक लगभग 18 हजार असहाय, वृद्ध, श्रमिक और राहगीरों को आश्रय मिला है। वहीं शीतलहर और ठंड से राहत के लिए लगभग 5900 स्थानों पर अलाव जलाए जा रहे हैं, जिनके लिए 15 लाख किलोग्राम से अधिक लकड़ी का उपयोग हुआ है। निराश्रित और कमजोर वर्गों में 42 हजार से अधिक कंबल वितरित किए गए हैं। इसके अलावा मौसम संबंधी चेतावनी के लिए 70 करोड़ से अधिक एसएमएस भेजे गए हैं और सोशल मीडिया, प्रिंट व डिजिटल माध्यमों से भी जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।

बैठक में बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सचिव मो. वारिस खान, आप्त सचिव पूर्णेन्दु कुमार, आपदा प्रबंधन विभाग के संयुक्त सचिव मो. नदीमुल गफ्फार सिद्दीकी व अविनाश कुमार, विशेष कार्य पदाधिकारी संदीप कुमार और मंत्री के आप्त सचिव(बाह्य) अमित कुमार तिवारी सहित सभी जिलों के अपर समाहर्ता और सहायक आपदा प्रबंधन पदाधिकारी मौजूद थे।

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