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बीज और उर्वरक बिक्री में वसूले अधिक राशि तो नप जायेंगे, भोजपुर में कृषि मंत्री ने कहा दो टूक...

अधिक मूल्य वसूली बर्दाश्त नहीं: कृषि मंत्री। उर्वरक व्यवस्था पर सरकार का जीरो टॉलरेंस. बीज और उर्वरक बिक्री में वसूले अधिक राशि तो नप जायेंगे, भोजपुर में कृषि मंत्री ने कहा दो टूक...

Those who charge excessive prices for seeds and fertilizers
बीज और उर्वरक बिक्री में वसूले अधिक राशि तो नप जायेंगे, भोजपुर में कृषि मंत्री ने कहा दो टूक...- फोटो : Darsh News

भोजपुर: नीतीश मंत्रिमंडल के गठन के बाद से ही सरकार भ्रष्टाचारियों व भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस नीति अपना रही है। इसी कड़ी में बुधवार को कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने भोजपुर जिला का भ्रमण कर उर्वरक प्रतिष्ठानों को सख्त निर्देश दिए। भ्रमण के दौरान कोईलवर प्रखंड स्थित उर्वरक प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के क्रम में मंत्री ने संबंधित प्रतिष्ठानों को सख्त एवं स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी परिस्थिति में उर्वरकों की अधिक मूल्य पर बिक्री, कृत्रिम अभाव अथवा कालाबाजारी को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिया कि किसानों को निर्धारित दर पर समयबद्ध एवं निर्बाध रूप से गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए।

मंत्री ने जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग के सभी पदाधिकारियों को भी निर्देश किया कि जिले में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखते हुए निरंतर निगरानी व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया जाए। कालाबाजारी, जमाखोरी एवं किसी भी प्रकार की अनियमितता के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि प्रत्येक किसान को समय पर, उचित मूल्य पर तथा बिना किसी बाधा के उर्वरक उपलब्ध हो सके।

इस दौरान मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के ‘किसान कल्याण’ एवं पारदर्शी व्यवस्था के संकल्प तथा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी की सुशासन की प्रतिबद्धता के अनुरूप बिहार सरकार किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराने हेतु पूरी तरह प्रतिबद्ध है। राज्य में उर्वरकों का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और आपूर्ति व्यवस्था सतत निगरानी में है। कालाबाजारी, जमाखोरी एवं अधिक मूल्य वसूली के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है। उड़नदस्ता दल एवं जिला स्तरीय निगरानी समितियाँ लगातार सक्रिय हैं, ताकि प्रत्येक किसान को उचित मूल्य पर उर्वरक सुलभ हो और कृषि उत्पादन निर्बाध रूप से आगे बढ़ सके।

कृषि मंत्री ने जानकारी दी कि वर्तमान में किसी भी जिले में उर्वरक की कोई कमी नहीं है। राज्य में आज दिनांक 07 जनवरी, 2026 को 2.09 लाख मीट्रिक टन यूरिया, 1.45 लाख मीट्रिक टन डीएपी, 2.20 लाख मीट्रिक टन एनपीके, 0.35 लाख मीट्रिक टन एमओपी एवं 1.09 लाख मीट्रिक टन एसएसपी का स्टॉक उपलब्ध है। उर्वरक के कालाबाजारी एवं मूल्य पर प्रभावी नियंत्रण हेतु लगातार छापामारी की जा रही है। उन्होने बताया कि रबी, 2025-26 (दिनांक 07 जनवरी, 2026 तक) में अनियमितता के विरूद्ध 38 उर्वरक प्रतिष्ठान पर प्राथमिकी दर्ज की गई है एवं कुल 104 उर्वरक प्रतिष्ठानों का उर्वरक प्राधिकार पत्र रद्द किया गया है। उर्वरक प्रतिष्ठानों पर छापामारी हेतु मुख्यालय स्तर पर उड़नदस्ता दल गठित है। उड़नदस्ता दल द्वारा प्राप्त शिकायत पर लगातार छापामारी की जा रही है।

मंत्री ने निदेश दिया कि जिला स्तरीय उर्वरक निगरानी समिति एवं प्रखण्ड स्तरीय उर्वरक निगरानी समिति की बैठक का आयोजन जहां नहीं हुआ है, वहां यथाशीघ्र आयोजन करें। प्रखण्डवार उर्वरक का उप-आवंटन आच्छादन एवं आवश्यकता के आलोक में करने का निदेश दिया गया। उर्वरक प्रतिष्ठान के पॉस में प्रदर्शित उर्वरक की मात्रा एवं भौतिक रूप से उपलब्ध उर्वरक की मात्रा का सत्यापन किया जाय, किसी प्रकार की अनियमितता प्रतिवेदित होने पर जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई की जाय। जिले में उर्वरक की कालाबाजारी को रोकने एवं अधिक मूल्य पर विक्रय पर प्रभावी नियंत्रण हेतु कृषि विभाग के पदाधिकारी का जाँच दल गठन कर नियमित रूप से उर्वरक प्रतिष्ठानों का छापामारी एवं निरीक्षण किया जाय। अंतर्राष्ट्रीय सीमा से सटे जिलो में सशस्त्र सीमा बल के समन्वय से सुदृढ़ निगरानी व्यवस्था स्थापित की जाये, जिससे उर्वरकों की सुरक्षित आपूर्ति और सुचारू वितरण सुनिश्चित किया जा सके।

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