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नए वर्ष के अवसर पर पर्यटक स्थलों पर जुटी भारी भीड़, जहानाबाद और पश्चिम चंपारण में भी...

नए वर्ष के अवसर पर पर्यटक स्थलों पर जुटी भारी भीड़, जहानाबाद और पश्चिम चंपारण में भी...

Tourist destinations were crowded with large numbers of peop
नए वर्ष के अवसर पर पर्यटक स्थलों पर जुटी भारी भीड़, जहानाबाद और पश्चिम चंपारण में भी...- फोटो : Darsh News

पटना: नए वर्ष के अवसर पर राज्य के विभिन्न मंदिरों के साथ ही कई अन्य पर्यटन स्थलों पर गुरुवार को भारी भीड़ उमड़ी। गुरुवार को जहानाबाद के वानावर की पहाड़ी पर स्थित बाबा सिद्धनाथ मंदिर और पश्चिम चंपारण के नंदनगढ़ स्थित बौद्ध स्तूप में लोगों की भारी उमड़ी। लोगों ने इन जगहों पर पूजा अर्चना कर राज्य के साथ ही अपनी और अपने परिजनों की सुख शांति और समृद्धि की कामना की।

नए वर्ष के अवसर पर जहानाबाद के मखदुमपुर प्रखंड के वानावर पहाड़ी पर स्थित बाबा सिद्धनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। यहां स्थानीय समेत दूर दराज से भी लोग जुटे थे और पूजा अर्चना कर सुख समृद्धि की कमाना की। इस दौरान श्रद्धालुओं ने कहा कि नए वर्ष की शुरुआत भगवान की आराधना से शुरू की है ताकि पूरा वर्ष शांतिपूर्ण और मंगलमय रहे। इस दौरान श्रद्धालुओं ने स्थानीय प्रशासन पर प्रशासनिक व्यवस्था नहीं करने का भी आरोप लगाया। मंदिर परिसर में श्रद्धालु खुद ही भीड़ को नियंत्रित करते दिखे। इस दौरान एक श्रद्धालु उपेंद्र प्रसाद ने कहा कि वे लगभग 3 किलोमीटर उंची पहाड़ी पर चढ़ कर दर्शन करने आये हैं लेकिन यहां मंदिर परिसर में न तो साफ सफाई की व्यवस्था है और न कोई अन्य प्रशासनिक। भारी भीड़ खुद ही आपस में एक दूसरे को नियंत्रित कर रहे हैं और दर्शन कर निकल रहे हैं।

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वहीं दूसरी तरफ पश्चिम चंपारण के नंदनगढ़ बौद्ध स्तूप पर भी पर्यटकों का सैलाब उमड़ा। कड़ाके की ठंड के बावजूद हजारों लोग यहां पहुंचे और भगवान बुद्ध के दर्शन किये। इस जगह पर भीड़ इस कदर देखी गई कि लोगों का पैदल चलना भी कठिन रहा। इतना ही नहीं यहां लोग अपने साथ घर से चूल्हा, और अन्य खाद्य सामग्री लेकर भी पहुंचे तथा यहीं पर बना कर अपने परिजनों के साथ खाया। इस दौरान लोगों में फोटो और सेल्फी लेने की होड़ भी देखी गई। नंदनगढ़ बौद्ध स्तूप पर बिहार के साथ ही उत्तर प्रदेश और पड़ोसी देश नेपाल से भी लोग पहुंचे थे। हालांकि इस दौरान पुलिस ने प्रशासनिक व्यवस्था चुस्त दुरुस्त कर रखा था। पुलिस की सक्रियता से कोई अप्रिय घटना नहीं हुई और देर शाम तक पर्यटकों की सुरक्षित वापसी जारी रही। नववर्ष का पहला दिन नंदनगढ़ के लिए ऐतिहासिक और यादगार बन गया।

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