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सब्जी वाले की बेटी इंटरमीडिएट परीक्षा में आई टॉप,IAS अधिकारी बनने का है सपना..

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Chapra :- सब्जी बेचने वाले पिता की बेटी आरती कुमारी ने बिहार इंटरमीडिएट परीक्षा में राज्य भर में तीसरा स्थान प्राप्त की है और अब आगे चलकर आईएएस अधिकारी बनकर देश की सेवा करना चाहती है. इस सफलता से आरती के परिवार वाले और आसपास के लोग काफी खुश और उत्साहित हैं, उन्हें इस अधिकारी बनने के सपनों को लेकर अभी से ही शुभकामनाएं दे रहे हैं.
बताते चल रहे हैं कि बिहार इंटरमीडिएट परीक्षा का रिजल्ट मंगलवार को बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा जारी किया गया है. इस साल के रिजल्ट की खासियत यह है कि इस बार भी लड़कों की अपेक्षा लड़कियों ने टॉप टेन में स्थान बनाया है जो अपने आप में काफी महत्वपूर्ण है. महत्वपूर्ण इसलिए है कि आधी आबादी ने इंटरमीडिएट परीक्षा के तीनों संकाय के टॉप की है. इस रिजल्ट की सबसे बड़ी खासियत यह है कि जितनी भी छात्राओं ने टॉप किया है उसमें से अधिकतर की पारिवारिक और आर्थिक स्थिति काफी कमजोर रही है. कहीं किसी ऑटो चलाने वाले की बेटी ने टॉप किया है तो सब्जी बेचने वाले परिवार की बेटी ने.

इस इंटरमीडिएट परीक्षा में आर्ट में तीसरा स्थान पर प्राप्त करनेवाली आरती कुमारी भी एक ऐसे ही परिवार से आती है जो आर्थिक दृष्टि से काफी कमजोर है सारण जिले के कोपा निवासी आरती के पिता सुनील साह सब्जी बेचते हैं और मां उर्मिला देवी घरेलू महिला है। आज इस बेटी ने अपने पिता की स्थिति को समझते हुए पढ़ाई में अव्वल स्थान प्राप्त किया है और इंटरमीडिएट परीक्षा में टॉप 10 में तीसरे स्थान पर आई है। सारण कि इस बेटी ने पूरे सारण जिले का नाम रोशन किया है आज अपनी बेटी की उपलब्धि से उनके माता-पिता परिवार के लोग और पूरे क्षेत्र के लोग गर्व महसूस कर रहे हैं। बेटी की उपलब्धि पर आज उनके घर में खुशियों का माहौल है और इस मित्र और अन्य लोग इनको बधाई देने उनके घर पहुंच रहे हैं।

आरती सारण जिला के कोपा थाना क्षेत्र की रहने वाली है और इसकी प्रारंभिक शिक्षा गांधी स्मारक हाई स्कूल कॉप से हुई है आरती ने बताया कि शिक्षा के दौरान उसने काफी संघर्ष किया है आरती ने कहा कि गांव देहात की तुलना में शहर के छात्र छात्राएं पढ़ने लिखने मे काफी ध्यान देते हैं लेकिन गांव देहात के छात्राएं उतना ध्यान नहीं देते हैं लेकिन अगर जुनून और लगन के साथ पढ़ाई किया जाए तो शहर जाने की आवश्यकता नहीं है गांव में ही बेहतर शिक्षा के लिए अच्छा विकल्प है। आरती का सपना पढ़ लिख कर आईएएस अफसर बनने का है इसीलिए वह पूरे जी जान से पढ़ाई करती हैं इसी का परिणाम है कि उन्हें पूरे बिहार में 470 अंकों के साथ तीसरा रैंक हासिल करने में सफलता मिली है। अपनी बेटी के उपलब्धि से आरती के पिता सुनील साह और मां उर्मिला देवी काफी प्रसन्न है, और वह बेटी को अधिकारी बनना चाहते हैं।
छपरा से पंकज श्रीवास्तव की रिपोर्ट

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