बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने आचार्य किशोर कुणाल के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि कि आचार्य कुणाल कर्म के धर्म और धर्म के मर्म को जीवंत करने वाले व्यक्तित्व थे । इसलिए वे प्रशासन और परंपरा दोनों क्षेत्रों में महत्त्वपूर्ण योगदान करने में सफल रहे । श्री सिन्हा ने कहा कि कुणाल ने सामान्य पृष्ठभूमि से निकलकर अपने पुरुषार्थ के बल पर अपनी पहचान बनाई थी । एक ईमानदार पुलिस अधिकारी के रूप में वे जितने लोकप्रिय थे, उतना ही बड़ा योगदान उन्होंने जनसेवा के क्षेत्र में दिया । महावीर कैंसर संस्थान के माध्यम वे असाध्य रोग से ग्रस्त आम आदमी के लिए उम्मीद की किरण लेकर आए ।श्री सिन्हा ने कहा कि शासन और सेवा में अमूल्य योगदान देने वाले कुणाल जी की बड़ी पहचान शास्त्र और सनातन परंपरा के क्षेत्र में भी रही । वे स्वयं तो शास्त्रों के ज्ञाता रहे ही साथ ही शास्त्रीय परम्परा को समाज के सबसे वंचित तबके तक ले जाने का प्रयास उन्होंने किया । महावीर मंदिर की स्थापना के बाद उसमें काफी विरोध झेलते हुए भी एक दलित को वहां का प्रधान पुजारी बनवाया । साथ ही वे चंपारण में प्रस्तावित दुनिया के सबसे बड़े मंदिर के भी प्रमुख योजनाकार थे । सही मायने में कुणाल एक 'सामाजिक योद्धा' और सनातन के सच्चे सपूत थे ।