बड़ी खबर सहरसा से है जहां BDO साहिबा से जब भ्रष्टाचार को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने अपना रौद्र रूप दिखा दिया. इतना ही नहीं सामाजिक कार्यकर्ताओं से तीखी नोंक-झोंक भी हुई. जिसके मामला और भी बढ़ गया. हालांकि, पुलिस के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ. दरअसल, जिले में प्रखंड विकास पदाधिकारी और सामाजिक कार्यकर्ता के बीच मोबाइल से वीडियो बनाने को लेकर नोकझोंक हो गई. मामला सौरबाजार प्रखंड मुख्यालय से जुड़ा हुआ है, जहां बीडीओ नेहा कुमारी से मिलने चंदौर पूर्वी पंचायत के कुछ सामाजिक कार्यकर्ता आए थे. लेकिन बीडीओ कार्यालय में नहीं थीं. वे मुख्यालय में बने आईबी में थी और कुछ लोगों से बातचीत कर रहीं थी. इस दौरान सामाजिक कार्यकर्ता लाइव वीडियो बनाते हुए बीडीओ के पास पहुंचे.
वीडियो बनाता देखकर बीडीओ भड़क गईं और मोबाइल फोन बंद करने की बात कहने पर विवाद हो गया, इतने में ही बीडीओ ने युवक से फोन छीन कर फेंक दिया. जिसका वीडियो बड़े ही तेजी से वायरल हो रहा है. बता दें कि, इस दौरान जमकर बवाल हुआ. बीडीओ द्वारा सौरबाजार पुलिस को मामले की जानकारी दी गयी, जिसके बाद थानाध्यक्ष अजय पासवान ने टीम के साथ पहुंचकर मामले को शांत कराया. वीडियो बना रहे युवक चंदौर पूर्वी पंचायत निवासी ललन कुमार ने बताया कि बीडीओ लोगों की समस्या सुनने के बजाय कुछ बिचौलिया के साथ बातचीत कर रही थी, जिसका वीडियो बनाने के कारण उन्होंने मेरा मोबाइल फोन तोड़ दिया. ललन के साथ वीडियो बनाने के दौरान लोजपा प्रखंड अध्यक्ष अभिषेक आनंद और बबलू सम्राट ने भी बीडीओ पर मनमानी और आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग करने की बात कही है. वहीं, कुछ देर के लिए प्रखंड मुख्यालय में अफरातफरी का माहौल हो गया था.
बीडीओ की गाड़ी को घेरकर लोगों द्वारा हंगामा भी किया गया. इधर, बीडीओ और सामाजिक कार्यकर्ता के बीच नोकझोंक का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. मामले में बीडीओ नेहा कुमारी ने बताया कि लोजपा प्रखंड अध्यक्ष अभिषेक आनंद और ललन कुमार पर बिना सूचना दिये कार्यालय में घुसकर लाइव वीडियो बनाने और सरकारी कामों में बाधा पहुंचाने का प्रयास किया गया. उन्होंने सौरबाजार थाना में आवेदन देकर गलत हरकत करने वाले लोगों पर कार्रवाई की मांग की है. तो वहीं, दूसरी तरफ इस घटना पर कुछ लोगों का कहना है कि, प्रखंड विकास पदाधिकारी नेहा कुमारी किसी भी आम जनता से बात करने के लिए तैयार नहीं रहते हैं। ब्लॉक में दलाल के द्वारा रिश्वत लेकर काम किया जाता है। गरीब लोग दर-दर की ठोकरें खाती रहती हैं। अब देखना होगा मामले में कब तक एक्शन लिया जाता है.
सहरसा से दिवाकर कुमार दिनकर की रिपोर्ट